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बस्ताकोला में LPG  संकट गहराया, सुबह 5 बजे से कतार, फिर भी खाली हाथ लौट रहे लोग

कोयलांचल के बस्ताकोला क्षेत्र में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत से लोगों की परेशानी चरम पर है. स्थानीय चौधरी गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है
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Dhanbad : कोयलांचल के बस्ताकोला क्षेत्र में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत से लोगों की परेशानी चरम पर है. स्थानीय चौधरी गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है.

 

हालात ऐसे हैं कि लोग रोजाना सुबह 5 बजे से लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन घंटों बाद भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है और निराश होकर खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है.

 

बिना सिलेंडर मिले ही डिलीवरी और रिफ्यूजल का मैसेज, उपभोक्ता हैरान


उपभोक्ताओं ने एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके मोबाइल पर गैस डिलीवर और रिफ्यूजल होने का मैसेज आ जाता है, जबकि उन्हें वास्तविकता में ना तो सिलेंडर मिलता है और ना गैस की किल्लत जैसे हालात में उपभोक्ता गैस लेने से रिफ्यूज करते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मैसेज से उपभोक्ताओं में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ रही है.

 

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342 में से सिर्फ 40-50 सिलेंडर ही वितरण


उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया है कि जब एक ट्रक में करीब 342 सिलेंडर आते हैं तो आम उपभोक्ताओं के बीच केवल 40-50 सिलेंडर ही क्यों बांटे जा रहे हैं. बाकी सिलेंडर कहां जा रहे हैं, इसे लेकर कालाबाजारी की आशंका जताई जा रही है. उपभोक्ताओं ने कहा ईद और चैती नवरात्र के समय इस संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. कई घरों में चूल्हा जलाना तक मुश्किल हो गया है.

 

सड़क जाम कर जताया विरोध, फिर भी नहीं बदली स्थिति


गैस की किल्लत से परेशान लोगों ने पिछले दो दिनों में सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन भी किया. बावजूद इसके हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ है. लोगों का आरोप है कि एजेंसी प्रबंधन और प्रशासन दोनों ही इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं.

 

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सप्लाई टाइमिंग में बदलाव बना बड़ी वजह


एजेंसी के स्टाफ रणजीत ने सफाई देते हुए कहा कि सप्लाई चेन में बदलाव के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है. पहले गैस से भरी गाड़ियां रात में लोड होकर सुबह पहुंच जाती थीं, लेकिन अब वे दोपहर 12 से 1 बजे के बीच आ रही हैं, जिससे भीड़ और अव्यवस्था बढ़ रही है. इस संबंध में जिला प्रशासन को भी सूचित किया गया है.

 

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निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग


थके-हारे उपभोक्ताओं ने अब जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उपभोक्ताओं ने कहा कि एजेंसी के स्टॉक और वितरण रजिस्टर की निष्पक्ष जांच हो, डिलीवरी मैसेजिंग सिस्टम की गड़बड़ी को तत्काल ठीक किया जाए और कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.

 

 


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