- रात्रि में चतुर्दशी
- 15 को ही व्रत-पूजन शास्त्रसम्मत
Ranchi: महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी. मिथिला पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी शाम 4:36 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी सुबह 5:22 बजे तक रहेगी. चूंकि रात्रि में चतुर्दशी विद्यमान रहेगी, इसलिए इसी दिन व्रत और मुख्य रात्रि-पूजन किया जाएगा.
सर्वार्थ सिद्धि योग और शुभ नक्षत्र का संयोग
पंडित नितेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सुबह 7 बजे से शाम 7:48 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी रहेगा. उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र का संयोग साधना, जप और संकल्प के लिए अत्यंत शुभ माना गया है. चार प्रहर की पूजा और रुद्राभिषेक विशेष फलदायी बताए गए हैं.
शिवलिंग सृष्टि-ऊर्जा का प्रतीक
उन्होंने कहा कि शिवलिंग केवल आस्था नहीं, बल्कि सृष्टि की चेतना और ऊर्जा का प्रतीक है. बिंदु शक्ति और नाद शिव का स्वरूप है. पंचमहाभूतों से निर्मित संरचना सृजन और अनंत कालचक्र का संकेत देती है.
मंत्र-जप से मानसिक संतुलन
ॐ नमः शिवाय मंत्र जप और जलाभिषेक को मानसिक शांति व सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम बताया गया है. महाशिवरात्रि को लेकर मंदिरों में विशेष तैयारियां हैं और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है.
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