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माहेश्वरी पर‍िवार हत्याकांड : सीआईडी की टीम ने कोर्ट में पेश की अबतक की जांच रिपोर्ट

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Hazaribagh (Gaurav Prakash) : हजारीबाग के बहुचर्चित माहेश्वरी परिवार के छह लोगों की संदिग्ध मौत के रहस्य से 4 साल बाद भी पर्दा नहीं उठा है. शुक्रवार को सीआईडी की टीम हजारीबाग पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल शुरू की. सीआईडी इंस्पेक्टर रविकांत की टीम शुक्रवार को हजारीबाग पहुंची. इंस्पेक्टर रविकांत ने हजारीबाग सीजेएम कोर्ट में अब तक की जांच रिपोर्ट पेश किया. इसके अलावा 6 सदस्यों की मौत से संबंधित साक्ष्य संकलन में भी दिनभर जुटे रहे. इस दौरान सदर थाना पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली. घटना से संबंधित फोटो भी मांगा. सूत्र बताते हैं कि सदर पुलिस ने घटना से संबंधित पूर्व में संकलित फोटो उन्‍हें उपलब्‍ध कराया है. इसके अलावे मामले की जांच कर रहे तत्कालीन सब इंस्पेक्टर रविशंकर मिश्रा के मोबाइल से सीआईडी को कई दुर्लभ तस्वीरें भी म‍िलने की सूचना है. पुलिस सूत्र के मुताबिक घटना से संबंधित संकलित सारे सैंपल कोलकाता फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे. जहां रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए हजारीबाग से पेन ड्राइव भी लेकर पुलिस पहुंची थी. वह पेन ड्राइव अभी तक कोलकाता लैब में ठंडे बस्ते में पड़ी है. अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आने से जांच की प्रगति पर असर पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें : BIG">https://lagatar.in/big-breaking-congress-can-call-the-three-mlas-trapped-in-the-cash-scandal-to-ranchi-upa-mlas-will-meet-again-tonight-banna-gupta/">BIG

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पिछले दिनों दिल्ली से आई मानवाधिकार आयोग की टीम ने सीआईडी से पूछा था कि जांच कहां तक पहुंची. साथ ही 21 दिनों का अल्टीमेटम भी दिया था कि आप अपना रिपोर्ट जांच कर प्रस्तुत करें. इसके बाद सीआईडी इस पूरे मामले को लेकर जांच की गति तेज कर दी है. ज्ञात हो कि 14 जुलाई 2018 को खजांची तालाब के पास बने सीडीएम शुभम अपार्टमेंट के तीसरे तल्‍ले के कमरा नंबर-303 में रह रहे माहेश्वरी परिवार के 6 लोगों की लाश मिली थी. आज भी यह गुत्थी सुलझ नहीं पाई है कि यह हत्या या आत्महत्या है. मरने वालों में परिवार के मुखिया महावीर अग्रवाल, पत्नी किरण अग्रवाल, उनका बेटा नरेश माहेश्वरी, बहू प्रीति अग्रवाल, पोता अमन अग्रवाल और पोती अन्वी उर्फ परी अग्रवाल शामिल थी. इनमें महावीर अग्रवाल का शव बेडरूम के पंखे से लटका मिला, वहीं नरेश अग्रवाल का शव अपार्टमेंट के बाहर नीचे गिरा पड़ा था. किरण अग्रवाल का गला कटा था और शव बेड पर शव पड़ा था. प्रीति अग्रवाल का शव पंखे से लटका था. वहीं पोता अमन को का फंदे पर और पोती अन्वी की लाश सोफा पर पड़ी थी. 2 साल तक हजारीबाग पुलिस तहकीकात पूरी नहीं कर पाई तो यह पूरा मामला सीआईडी को दे दिया गया था. अब लगभग 2 साल से केस की जांच सीआईडी कर रही है, मगर नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-opium-cultivator-moin-munda-jailed-for-9-years-the-court-ruled-on-the-testimony-of-sp/">रांची

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