Ranchi News : झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है. संघ की बैठक 9 सितंबर को भारतीय मजदूर संघ कार्यालय, धुर्वा में हुई. बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने की.
संघ ने कहा कि NHM के MD कार्यालय ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों को जिला स्तर पर 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू करने और कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर निर्देश दिया है. इसके बावजूद कई जिलों में अब तक जिला स्तर से एम्बुलेंस सेवा शुरू नहीं हुई है.
संघ की मुख्य मांगों में 108 एम्बुलेंस सेवा की मौजूदा टेंडर प्रक्रिया को रद्द करना, सिविल सर्जन के माध्यम से जिला स्तर पर सेवा शुरू करना, कंपनी से हटाये गये कर्मचारियों को दोबारा सेवा में बहाल करना और कर्मचारियों को सभी कानूनी श्रमिक अधिकार देना शामिल है.
संघ ने 8 सितंबर तक जिला स्तर पर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की मांग की थी. निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का फैसला लिया गया.10 से 12 सितंबर तक जिलों से राज्य सरकार को पत्र भेजे जाएंगे. 14 से 19 सितंबर तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे. 19 सितंबर को सभी जिलों में कैंडल मार्च निकाला जाएगा.
21 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालय में भीक्षा कार्यक्रम होगा. 23 सितंबर को सिविल सर्जन और उपायुक्त कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. 25 सितंबर को राज्यभर में एक दिन की पूर्ण हड़ताल होगी और NHM कार्यालय, नामकुम के सामने धरना दिया जाएगा.
संघ ने चेतावनी दी है कि 28 सितंबर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. इस दौरान 108 एम्बुलेंस सेवा बाधित करने का भी आंदोलन किया जाएगा.संघ ने कहा कि कर्मचारी 108 जैसी जरूरी आपातकालीन सेवा को बाधित नहीं करना चाहते हैं. सरकार और अधिकारियों से कई बार बातचीत के बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी कारण आंदोलन का फैसला लिया गया है.
संघ ने सरकार से अपील की है कि आंदोलन की स्थिति आने से पहले जिला स्तर पर 108 एम्बुलेंस सेवा तत्काल शुरू की जाए, टेंडर प्रक्रिया रद्द की जाए और हटाये गये कर्मचारियों को फिर से सेवा में लिया जाए.

