Jamtara: जिले में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. उपायुक्त रवि आनंद के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के दो निजी अस्पतालों में छापेमारी कर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है. जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए सिटी अस्पताल को सील कर दिया है. जबकि मंगलम नेत्रालय के कर्मचारियो पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं.
जांच टीम में एसडीओ, सिविल सर्जन और बीडीओ भी शामिल थे. सबसे पहले बेवा रोड स्थित एक निजी अस्पताल की जांच की गई. जहां रिकॉर्ड रजिस्टर में पिछले एक महीने में करीब 650 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन दिखाए गए थे. लेकिन जांच के दौरान सामने आया कि सूची में शामिल कई मरीज दूसरे राज्यों के हैं. दिए गए मोबाइल नंबर या तो बंद मिले या उनकी लोकेशन केरल और राजस्थान जैसे राज्यों में पाई गई.
जांच में यह भी पाया गया कि अस्पताल के पास मान्य नक्शा नहीं है और पर्याप्त डॉक्टर भी मौजूद नहीं हैं. परिसर में चल रही दवा दुकान के पास भी लाइसेंस नहीं मिला. इसके बाद टीम ने जामताड़ा कॉलेज के पास स्थित एक अन्य नेत्रालय में छापेमारी की. वहां भी आयुष्मान योजना के नाम पर गड़बड़ी सामने आई.
उपायुक्त रवि आनंद ने बताया कि शुरुआती जांच में दोनों अस्पतालों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और सरकारी राशि के दुरुपयोग के सबूत मिले हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों संस्थानों के दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं. एक अस्पताल को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी चल रही है.
स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी ने मामले को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि गरीबों के इलाज के नाम पर सरकारी धन की लूट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.
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