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कोयलांचल में मकर संक्रांति की धूम, मोहलबनी दामोदर घाट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश कर गया है, जिसे मकर संक्राति के रूप में मनाया जाता है. ऊर्जा, उमंग और नई चेतना का प्रतीक मकर संक्रांति धनबाद सहित पूरे कोयलांचल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है.
 

Dhanbad :  सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश कर गया है, जिसे मकर संक्राति के रूप में मनाया जाता है. ऊर्जा, उमंग और नई चेतना का प्रतीक मकर संक्रांति धनबाद सहित पूरे कोयलांचल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है.दो दिवसीय मकर संक्रांति होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ अपेक्षाकृत कम रही. लेकिन आस्था और उत्साह में किसी तरह की कमी नहीं दिखी. 

 

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कड़ाके की ठंड के बावजूद सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक माना जाने वाले इस पर्व  पर बुधवार की सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही देखने को मिली. सुबह होते ही कोयलांचल की जीवनदायिनी नदियों बराकर और दामोदर के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. 

 


मोहलबनी स्थित दामोदर नदी घाट आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर भगवान भास्कर (सूर्य देव) को अर्घ्य अर्पित किया और सुख-शांति व समृद्धि की कामना की. इसके  अलावा सुदामडीह दामोदर घाट, चासनाला दामोदर घाट, लालबंगला दामोदर घाट, कालीमेला दामोदर घाट, पाथरडीह समेत आसपास के तटीय क्षेत्रों में भी मेले जैसा माहौल देखने को मिला. स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने काली मंदिर, बजरंगबली मंदिर और शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की. इस दौरान मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं.

 

 

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मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी, तिल-गुड़ और ऊनी वस्त्रों के दान का विशेष महत्व है, जिसे श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया. इस पावन अवसर पर सामाजिक संस्थाओं ने भी सेवा भाव के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया. ग्रामीण इलाकों में मकर संक्रांति के मौके पर मेलों का आयोजन भी किया गया है, जहां बच्चों और बड़ों ने पारंपरिक व्यंजनों और सांस्कृतिक माहौल का आनंद लिया.

 

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, प्रशासन अलर्ट मोड में

 

घाटों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया. विशेषकर सुदामडीह और मोहलबनी जैसे प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, ताकि आस्था के इस महापर्व में कोई विघ्न न पड़े. श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए झरिया अंचल के सीओ और सुदामडीह पुलिस बल सुबह से ही घाटों पर तैनात रहा. 

 

पुलिस जवान भी लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है .प्रशासन ने घाटों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा बनाया है और श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे उत्साह में आकर नदी के गहरे पानी की ओर न जाएं. किसी भी संभावित अनहोनी को रोकने के लिए जमीन से लेकर पानी तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है.  

 


डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए अनुभवी स्थानीय गोताखोरों और रेस्क्यू टीमों को घाटों पर तैनात किया गया है, जो पल-पल की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.  वहीं चासनाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की ओर से घाट के समीप अस्थायी चिकित्सा केंद्र स्थापित किया गया है. मौके पर एंबुलेंस, दक्ष चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम हर समय मुस्तैद है, ताकि किसी भी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या चोट लगने की स्थिति में तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके.

 


मकर स्नान के दौरान सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सुदामडीह पुलिस द्वारा घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. वाहनों की पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान चिह्नित किए गए हैं, जिससे पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

 


स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि पर्व का आनंद लें लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करें. पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की यह मुस्तैदी गुरुवार तक जारी रहेगी, जब तक घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो जाती.

 

 

 

 

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