New Delhi : सुप्रीम कोर्ट में आज बुधवार को पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर हुई सुनवाई में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद दलील दी. बता दें कि ममता बनर्जी ने कलकत्ता यूनिवर्सिटी के जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री (LLB) हासिल की है. वह एक वकील के तौर पर क्वालिफाइड भी हैं. राजनीति में आने से पहले वे कुछ साल तक वकालत की प्रैक्टिस कर चुकी हैं.
Addressing the Hon’ble Court, Smt. @mamataofficial placed real-life cases on record, backed by reports from leading newspapers. Clarifying, she stated: “These are not my photographs. These are from reputed newspapers.”
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) February 4, 2026
She explained that the SIR is being used almost entirely as… pic.twitter.com/2gaO51NyHT
बता दें कि CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ममता बनर्जी, मोस्तारी बानू और टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन की ओर से दाखिल याचिकाओं सहित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई की.
ममता बनर्जी ने अपनी दलील में कहा कि SIR के बहाने पश्चिम बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है. कहा कि असम और नॉर्थ ईस्ट में SIR क्यों नहीं कराया जा रहा है? ममता बनर्जी ने कहा, बंगाल में अभी लोग खेती कार्य में लगे हुए है. उनको भी नोटिस भेजे जा रहे हैं.
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने चुनाव आयोग को व्हाट्सऐप आयोग कहा. ममता बनर्जी ने कहा, चुनाव आयोग… माफ कीजिए, व्हाट्सऐप आयोग यह सब कर रहा है. बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है.
आरोप लगाया कि BLO काम के प्रेशर में सुसाईड कर रहे हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों से आधार के साथ एक और सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है, जबकि दूसरे राज्यों में डोमिसाइल, जाति प्रमाण पत्र वगैरह कुछ भी नहीं मांगा गया है.
ममता ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में आयोग को घेरते हुए कहा कि SIR का मकसद वोट डिलिट करना है जोड़ना नहीं है. ममता ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले सिर्फ पश्चिम बंगाल को निशाना जा रहा है. कहा कि 2 साल का काम 2 महीने में क्यों करना चाहते हैं.
कोर्ट ने ममता बनर्जी की भावनात्मक दलीलें सुनी. कोर्ट ने संकेत दिया कि राज्य बनाम निर्वाचन आयोग का मामला है. वरिष्ठ वकीलों के माध्यम से दलीलें रिकॉर्ड पर लायी जायेंगी. कोर्ट ने ममता से कहा कि आपके राज्य की पैरवी के लिए बड़े वकील उपलब्ध हैं.
उन्होंने श्याम दीवान, कपिल सिब्बल आदि वकीलों का जिक्र किया. सुनवाई को बाद सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी.
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