New Delhi : लोकसभा में बजट सत्र के दौरान आज बुधवार को राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भिड़ गये. राहुल ने उन्हें गद्दार दोस्त कह कर पुकारा. इस पर बिट्टू भड़क गये.
#WATCH | Delhi: As Union MoS Ravneet Singh Bittu passes by the protesting Congress MPs at Makar Dwar, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "Here is a traitor walking right by. Look at the face..."
— ANI (@ANI) February 4, 2026
LoP Rahul Gandhi offered to shake his hands, saying, "Hello brother, my traitor… pic.twitter.com/5wMgjM8KAW
दरअसल आज संसद के मकर द्वार के पास कांग्रेसी सांसद US ट्रेड डील, पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इसी क्रम में रावनीत सिंह बिट्टू को वहां से गुजरे.
राहुल गांधी ने उनकी ओर इशारा करते हुए कहा कि एक गद्दार जा रहा है. साथ ही राहुल गांधी ने हाथ बढ़ाते हुए कहा, हैलो भाई, गद्दार दोस्त. चिंता मत करो, कांग्रेस में वापस आ जाओ. केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने राहुल से हाथ नहीं मिलाया. जवाब दिया, देश के दुश्मनों से मेरा कोई लेना-देना नहीं है.
इस घटना की तह में जायें तो पता चलेगा कि रवनीत सिंह बिट्टू लोकसभा चुनाव (2024) से पूर्व भाजपा में शामिल हुए थे. पहले वे कांग्रेस में थे और तीन बार सांसद रह चुके थे. 2009 में आनंदपुर साहिब, 2014 और 2019 में लुधियाना से सांसद थे.
अहम बात यह है कि रवनीत सिंह बिट्टू और राहुल गांधी के बीच बयानबाजी पहले से होती रही है. सितंबर 2024 में बिट्टू ने अमेरिका में सिखों को लेकर राहुल गांधी के बयान पर आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सिखों को बांटने की कोशिश की है. सिख किसी पार्टी से जुड़े नहीं हैं. कहा था कि राहुल गांधी देश का नंबर वन टेररिस्ट हैं.
रवनीत सिंह बिट्टू का महत्व भाजपा में इस बात से पता चलता है कि 2024 लोकसभा में वे लुधियाना से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन वे पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से 20 हजार वोटों से हार गये थे. फिर भी उन्हें मोदी सरकार में रेल तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री मंत्री बनाया गया.
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