Kolkata : पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को विस चुनाव के लिए वोट डाले जायेंगे. भाजपा-टीएमसी-कांग्रेस सहित सभी दल मैदान में ताल ठोकने उतर गये हैं. ओवैसी की भी इंट्री हो चुकी है. राज्य में जनसभाओं का दौर जारी है.
इस क्रम में आज बुधवार को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार ममता बनर्जी ने नक्सलबाड़ी में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर हल्ला बोला.
In a shameful display of misogyny, BJP has arbitrarily deleted the names of lakhs of Bengali women from the electoral rolls simply because they adopted their husbands’ surnames after marriage. The party has also issued NRC notices to members of the Rajbanshi community.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 25, 2026
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ममता बनर्जी ने बंगाल की राजनीति का सर्वाधिक संवेदनशील नागरिकता का मुद्दा और आदिवासियों के हक सहित अन्य मुद्दों पर भाजपा को घेरा. ममता ने कहा कि भाजपा इन मुद्दों पर बंगाल की जनता को गुमराह कर रही है.
ममता बनर्जी ने SIR को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला किया.कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जिस देश में बुजुर्गों ने अपनी पूरी जिंदगी खपा दी, आज उनसे नागरिकता का सबूत मांगा जा रहा है.
आरोप लगाया कि बुजुर्ग नागरिकों को SIR के लंबी-लंबी कतारों में खड़ा उनकी नागरिकता पर सवाल उठाये जा रहे हैं. ममता बनर्जी ने आरोप लगायी कि जिन लोगों ने वोट देकर सरकार (केंद्र) चुनी, आज वह सरकार उनसे पूछ रही है कि वे इस देश के नागरिक हैं या नहीं?
कहा कि ऐसी पार्टी(भाजपा) को वोट मांगने का कोई हक नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा वाले जानना चाहते हैं कि आपके परिवार में कितने बच्चे हैं. आप किस देश के नागरिक हैं. ममता ने तंज कसा, जब देश में आजादी का आंदोलन हुआ था, तब भाजपा पैदा भी नहीं हुई थी.
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह न तो राज्य में NRC होने देगी और न डिटेंशन कैंप बनने देगी. सीएम ने कहा कि भाजपा वाले आज वे धर्म की बात करते हैं.
भाजपा कहती है कि ममता बनर्जी दुर्गा पूजा की इजाजत नहीं देतीं, लेकिन यहां इतने सारे लोग दुर्गा पूजा, काली पूजा मनाते हैं. कौन उन्हें रोकता है. ममता ने कहा कि वह हर धर्म के लिए काम करती है.
ममता बनर्जी ने कहा कि हमने आदिवासियों को जंगल के अधिकार दिये हैं. जबकि भाजपा आदिवासियों पर अत्याचार करती है.
भाजपा को महिला विरोधी करार देते हुए ममता ने मयनागुड़ी में कहा कि मनमाने ढंग से लाखों बंगाली महिलाओं के नाम मतदाता सूची से सिर्फ इसलिए हटा दिये गये हैं क्योंकि उन्होंने शादी के बाद अपने पतियों के उपनाम अपना लिये थे.
ममता ने आरोप लगाया कि पार्टी ने राजबंशी समुदाय के सदस्यों को भाजपा ने एनआरसी नोटिस भी जारी किया है. उन्होंने कहा कि इससाजिश के कारण बंगाल में अब तक 200 से अधिक दुखद मौतें हो चुकी हैं,
पीढ़ियों तक इस राज्य में रहने के बाद, कानून का पालन करने वाले नागरिकों को फिर से अपनी भारतीय पहचान साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.
कहा कि दूसरों की नागरिकता पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को यह साबित करना होगा कि उसके अपने नेता इस देश के वास्तविक नागरिक हैं. ममता ने कहा कि भाजपा और उसके आज्ञाकारी आयोग द्वारा रची गयी इस घृणित साजिश के खिलाफ उग्र और दृढ़ विरोध में जनता उठ खड़ी हुई है,
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