Kolkata : पश्चिम बंगाल एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तल्खी बढ़ती ही जा रही है. वह भाजपा और चुनाव आयोग पर शुरू से हमलावर रही है. लेकिन ममता बनर्जी ने अब प्रेस कॉंफ्रेस कर इसमें सेना के एक अधिकारी को लपेटा है.
VIDEO | Howrah: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee says, "Domicile certificates are allowed in the Bihar SIR, so why are they not being allowed in Bengal?"
— Press Trust of India (@PTI_News) January 13, 2026
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VIDEO | Kolkata, West Bengal: CPI(M) leader Mohammad Salim responds to CM Mamata Banerjee’s claim that the Army is helping the BJP in SIR. He says, “The allegation is very serious. If it is true, she must write to the Defence Minister and prove it.”
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उन्होंने मंगलवार को फोर्ट विलियम स्थित भारतीय सेना के पूर्वी कमान के मुख्यालय में तैनात कमांडेंट रैंक के एक अधिकारी पर आरोप लगाया कि वे भाजपा के इशारे पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सेना का वह अधिकारी विवादास्पद एसआईआर में कमांड बेस का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहा है. हालांकि ममता ने अधिकारी की पहचान उजागर नहीं की है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य सचिवालय (नबान्न) में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रही थी. सीएम ने कहा, उन्हें जानकारी मिली है कि फोर्ट विलियम में एक कमांडेंट भाजपा के समर्थन में सआईआर पर काम कर रहे हैं. वहां से वह भाजपा पार्टी कार्यालय का काम कर रहे हैं. ममता ने उनसे आग्रह करते हुए कहा, मैं हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि वे ऐसी गतिविधियों से दूर रहे.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा-निर्वाचन आयोग आपसी मिलीभगत से अंतिम मतदाता सूची से एक करोड़ और नाम हटाने की योजना बना रहे है. आरोप लगाया कि बूथ स्तरीय एजेंट-2 को एसआईआर संबंधी सुनवाई में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जी रही है.
कहा कि नोटिस मिलने और नाम कटने की आशंका से राज्य में अब तक 84 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 4 आत्महत्या और 17 ब्रेन स्ट्रोक के मामले शामिल हैं.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सेना वाले बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गयी है. बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के बयान की पुष्टि करने के बाद मामले में हस्तक्षेप करेंगे. राज्यपाल ने कहा, मुझे यह सत्यापित करने दीजिए कि उन्होंने(ममता बनर्जी) क्या कहा है.
इस क्रम में राज्यपाल ने कहा, यदि इस बयान से किसी संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन होता है, तो वे निश्चित रूप से हस्तक्षेप करेंगे.
भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के आरोप पर तंज कसते हुए कहा, वह पश्चिम बंगाल को भारत का राज्य नहीं मानतीं. कहा कि वह बंगाल को एक संप्रभु राष्ट्र और खुद को उसकी राष्ट्रपति समझती हैं.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने सलाह दी कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चाहिए कि वह इसकी सच्चाई का पता लगाये. रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर अपने बयान की सत्यता साबित करे.
मोहम्मद सलीम ने ममता के बयान को बेहद गंभीर करार देते हुए पीटीआई से कहा, आम तौर पर रक्षा बलों को किसी राजनीतिक बहस में नहीं घसीटा जाता. मीडिया के समक्ष आरोप लगाने के बजाय ममता बनर्जी को पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखना चाहिए था.
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