- ममता ने राष्ट्रपति से कहा, चुनाव से पहले उनके साथ राजनीति न की जाये.
- राष्ट्रपति संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पश्चिम बंगाल आयी थी
- संथाल कॉन्फ्रेंस के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली
Kolkata : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा की गयी टिप्पणी रास नहीं आयी है. बता दें कि संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पश्चिम बंगाल आयीं राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किये जाने को लेकर नाराजगी जताई थी.
I have respect for you, President Madam. But please do not play politics during elections as per @BJP4India’s advice.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 7, 2026
You should know how many tribal people were affected under BJP’s rigged SIR exercise, how many of them were removed and what they have been forced to go through.… pic.twitter.com/nzPpsR0ZVv
राष्ट्रपति 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पश्चिम बंगाल पहुंचीं थी. द्रौपदी मुर्मू छोटे कार्यक्रम स्थल को लेकर नाराज हुई थी.
ममता बनर्जी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं, लेकिन अगर कोई 50 बार आये तो हर कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं है.
#WATCH | Darjeeling, West Bengal | President Droupadi Murmu says, "Today was the International Santal Conference. When I came here after attending it, I realised it would have been better if it had been held here, because the area is so vast... I don't know what went through the… pic.twitter.com/zMYyvDo0Y2
— ANI (@ANI) March 7, 2026
ममता ने कहा कि वह इस समय धरने पर बैठी हैं. जिस कार्यक्रम की बात कही जा रही है, उसकी जानकारी उन्हें नहीं थी. ममता बनर्जी ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन को लेकर राज्य सरकार को कोई जानकारी नहीं दी गयी थी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी राष्ट्रपति राज्य में आती हैं या जाती हैं तो इसकी सूचना दी जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली थी.
CM ने कहा कि राज्य सरकार उस कार्यक्रम का हिस्सा भी नहीं थी.ममता बनर्जी इतने पर भी नहीं रुकी, राष्ट्रपति पर हमलावर होते हुए कहा कि उन्हें यह कहते हुए शर्म आ रही है कि राष्ट्रपति को भाजपा एजेंडे का आगे बढ़ाने के लिए भेजा गया था.
ममता ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति भाजपा की नीतियों के जाल में फंस गयी हैं. ममता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, भाजपा की प्राथमिकता राजनीति है. उनकी(ममता) प्राथमिकता जनता है.
उन्होंने मणिपुर, राजस्थान और महाराष्ट्र में आदिवासियों के साथ कथित अत्याचार का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राष्ट्रपति ने सवाल क्यों नहीं उठाये.
ममता बनर्जी ने कहा, राज्य सरकार ने किसी कार्यक्रम को रोकने की कोशिश नहीं की. उस आयोजन से सरकार का कोई संबंध नहीं था. ममता ने राष्ट्रपति से कहा, चुनाव से पहले उनके साथ राजनीति न की जाये.
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