Kolkata : ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह जान-बूझकर अनुभवी अधिकारियों को बंगाल से बाहर केरल, तमिलनाडु आदि राज्यों मे भेज रहा है. ममता बनर्जी ने कहा कि यह लोकल प्रशासन को कमज़ोर करने के लिए किया जा रहा है. इसमें भाजपा और आयोग की मिलीभगत है.
ममता बनर्जी आज शनिवार को रानीगंज में एक रैली को संबोधित कर रही थी. कहा कि जो अधिकारी स्थानीय इलाकों से अच्छी तरह परिचित थे . ऐसे सैकड़ों अधिकारियों को केरल और तमिलनाडु आदि राज्यों में भेज दिया गया है. ताकि भाजपा का बेहिसाब पैसा, नशीले पदार्थ, गुंडे और बुलडोज़र राज्य में घुस पायें और दंगे भड़काये जायें.
Bengal has always believed in unity in diversity. Bengal stands for inclusivity and togetherness. Bengal lives by the sacred philosophy of “ধর্ম যার যার, উৎসব সবার!” But Bengal will never tolerate violence and hooliganism in the name of faith.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 28, 2026
Using the compromised Vanish… pic.twitter.com/RJh8KChmJG
ममता बनर्जी ने दावा किया कि अगर भाजपा बंगाल को कमजोर करने की कोशिश करेगी, तो उसे पूरे देश की सत्ता गंवानी पड़ेगी. ममता ने कहा कि बंगाल की जनता भाजपा को जवाब देगी. बंगाल से भाजपा का अंत कर देगी.
ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी लगातार चौथी बार विधानसभा चुनाव जीतकर सत्ता में लौटेगी. उन्होंने भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा कि जीत के बाद वह सभी विपक्षी दलों को साथ लेकर दिल्ली की सत्ता को चुनौती देंगी. जनता को चेताया कि भाजपा अगर राज्य की सत्ता में आ गया तो वह बुलडोजर राजनीति करेगी. लोगों को उनके घरों से बाहर कर निकाल देगी.
ममता बनर्जी ने बंगाल में आयोग द्वारा तैनात किये गये अधिकारियों के लिए एक संदेश जारी किया. अपने संदेश में इन अधिकारियों से किसी भी राजनीतिक दबाव में न आने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा, जिन लोगों को नयी पोस्टिंग मिली है, मैं उनसे कहना चाहूंगी कि आप राज्य प्रशासन का हिस्सा हैं.
अगर आप ठीक से काम करना चाहते हैं, तो लोगों की तरफ देखें. मेरी तरफ देखने की कोई जरूरत नहीं है. इतना ही नहीं,मुख्यमंत्री ने एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया.
ममता बनर्जी ने कहा कि मनमाने ढंग से नाम काटे जा रहे है. उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी बूथ में 500 नाम हैं, तो 400 नाम हटाए जा रहे हैं. क्या यह कोई मज़ाक है? भाजपा अब लक्ष्मण पार कर चुकी है.
उन्होंने कहा कि शुरुआत में ही 58 लाख नाम काट दिये गये. 60 लाख में तकनीकी विसंगतियां बता रहे हैं. आरोप लगाया कि एआई का इस्तेमाल कर गलतियां कीगयी है, लेकिन उन्हें शर्म नहीं आ रही है.
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