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उत्तर प्रदेश की मनदीप कौर ने पति की प्रताड़ना से न्यूयॉर्क में आत्महत्या कर ली, एनआरआई शादी में 50,000 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं

 Washington : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की रहने वाली मनदीप कौर ने तीन अगस्त को न्यूयॉर्क में आत्महत्या कर ली. बता दें कि आत्महत्या से पहले मनदीप ने एक वीडियो रेकॉर्ड किया जिसमें बताया कि उनका पति रंजोधबीर सिंह संधू आठ साल से उसे प्रताड़ित कर रहा है. वीडियो में मनदीप ने रोते-रोते कहा कि कैसे उनका पति अक्सर शराब पीकर या बिना शराब पिये भी उन्हें मारता था. मनदीप के दो बच्चे हैं. आरोप है कि इस प्रताड़ना से बचाने में उसके सास-ससुर ने भी साथ नहीं दिया. खबर है कि मनदीप के शव को भारत में उनके माता-पिता तक पहुंचाने के लिए पोर्टल कौर मूवमेंट न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के साथ संपर्क में है. इसे भी पढ़ें : जस्टिस">https://lagatar.in/justice-dy-chandrachud-said-among-students-being-tolerant-does-not-mean-that-you-should-tolerate-hate-speech/">जस्टिस

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बच्चों को घर से निकाल लिया गया है

जानकारी के अनुसार बच्चों को घर से निकाल लिया गया है और पति को गिऱफ्तार कर लिया गया है. . पोर्टल द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर किये गये पोस्ट के अनुसार न्यूयॉर्क पुलिस विभाग आत्महत्या के बजाय हत्या के रूप में मामले की जांच कर रहा है. दक्षिण एशियाई महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को लेकर आवाज उठाने वाले ऑनलाइन पोर्टल द कौर मूवमेंट ने सोशल मीडिया पर मनदीप का वीडियो शेयर किया जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जायेगा. मनदीप के मामले में उनके पति के घर के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गये हैं जिसमें कई पंजाबी और भारतीय हिस्सा ले रहे हैं. इसे भी पढ़ें :  ISRO">https://lagatar.in/isros-new-flight-successful-launch-of-sslv-d1-from-sriharikota-but-lost-communication-with-satellites/">ISRO

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भारतीय दूतावास अमरीकी अधिकारियों के संपर्क में हैं

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने मंदीप कौर की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए परिवार की हर संभव मदद करने का भरोसा दिया है. भारतीय दूतावास की ओर से कहा गया कि हम अमरीकी अधिकारियों के संपर्क में हैं. इसे भी पढ़ें : श्री">https://lagatar.in/lanka-forbade-chinas-spy-ship-from-entering-the-country-so-that-india-should-not-get-angry/">श्री

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बिजनौर के नजीबाबाद कोतवाली में धारा 306 के तहत पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज  

बिजनौर के नजीबाबाद के गांव ताहरपुर के जसपाल सिंह के अनुसार उनकी बेटी मनदीप की शादी पास के गांव बढ़िया निवासी रणजोधवीर सिंह उर्फ जोधा के साथ की थी. शादी के दो-तीन महीने तक सब ठीक चला. फिर जोधा ने बेटी का उत्पीड़न करना शुरू कर दिया. दामाद रणजोधवीर सिंह दहेज की खातिर बेटी को पीटता था. साल 2016 में उनके एक बेटी हुई थी. साल 2018 में रणजोधवीर पत्नी को लेकर अमेरिका चला गया. मनदीप टूरिस्ट वीजा पर गयी हुई थी. महिला के पिता की तहरीर पर बिजनौर के नजीबाबाद कोतवाली में धारा 306 के तहत पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी

अत्याचार झेलने वाली मनदीप अकेली नहीं है

जान लें कि अत्याचार झेलने वाली मनदीप अकेली नहीं है. भारत की बेटियों की ऐसी कतार बहुत लंबी है जो धोखे से शादी के बंधन में फंस गयीं, और पति ने उन्हें छोड़ दिया या उन्हें हर रोज घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ रहा है. भारतीय विदेश मंत्रालय के आंकड़ो पर नजर डालें तो प्रत्येक 8 घंटे में विदेशों में रहने वाली एक भारतीय पत्नी मदद के लिए अपने घर फोन करती है. इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली (EPW) की एक रिपोर्ट के अनुसार 2007 से 2020 के बीच विदेश मंत्रालय को एनआरआई पत्नियों की तरफ से घरेलू हिंसा की 3,955 शिकायतें प्राप्त हुईं. इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 498A के तहत एनआरआई शादी में 50,000 आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं. सबसे अधिक मामले पंजाब में दर्ज किये गये हैं जहां 32,000 एनआरआई पत्नियों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है.

25,000 पत्नियों को उनके पतियों ने छोड़ दिया

महिलाओं की शिकायतों में सम्मान के साथ जीने का अधिकार, घरेलू हिंसा, दहेज, रेप और विवाहेतर संबंध आदि शामिल हैं. इनमें ज्यादातर महिलाएं पंजाब, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात की हैं. 2018 में एसबीएस पंजाबी की एक रिपोर्ट के अनुसार 25,000 से अधिक महिलाओं को उनके पतियों ने छोड़ दिया. जान लें कि द कौर मूवमेंट जैसे संगठन महिलाओं को आवाज को सामने लेकर आते हैं.

रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज ऑफ नॉन-रेजिटेंड इंडियन बिल अधर में है

बेटर इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार विदेशों में भारत की बेटियों की सुरक्षा के लिए फरवरी 2019 में रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज ऑफ नॉन-रेजिटेंड इंडियन बिल का मसौदा राज्यसभा में पेश किया गया था. तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह तय किया था कि यह बिल एनआरआई शादियों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करेगा और इस तरह के पतियों को समन जारी करने के लिए एक वेबसाइट होगी. लेकिन द हिंदू के अनुसार यह बिल अभी तक आगे नहीं बढ़ पाया है. [wpse_comments_template]

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