New Delhi: सीबीआई ने NEET UG 2026 पेपर के दूसरे मास्टर माइंड मनीषा गुरुनाथ मनधारे को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही पेपर लीक मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या नौ हो गयी. मनीषा गुरुनाथ मनधारे बोटनी की टीचर है. NTA ने उसे विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया था. वह बोटनी और जुलॉजी के पेपर को अंतिम रूप दिया था. सीबीआई ने 15 मई को कमेस्ट्री के लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था. वह केमेस्ट्री का पेपर लीक करने का मास्टर माइंड था.
जांच में पाया गया कि मनीषा गुरुनाथ मनधारे अप्रैल 2026 में ही अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर मनीषा वाघमारे के घर पर विशेष कोचिंग शुरू की थी. इस विशेष कोचिंग में शामिल होने के लिए छात्रों से लाखों रूपये की वसूली की गयी. मनीषा वाघमारे को सीबीआई ने 14 मई को ही गिरफ्तार कर लिया था. केमेस्ट्री के लेक्चरर कुलकर्णी ने भी पेपर लीक करने के लिए मनीषा वाघमारे का ही सहारा लिया था. केमेस्ट्री के लिए भी विशेष कोचिंग मनीषा वाघमारे के घर पर ही चलाया गया था.
सीबीआई ने जांच में पाया कि मनीषा के घर पर बोटनी जुलॉजी के लिए चलाये गये विशेष कोचिंग में छात्रों को सवाल और जवाब लिखवाये गये. विशेष कोचिंग के दौरान छात्रों को लिखवाये गये अधिकांश सवाल NEET UG 2026 की परीक्षा में पूछे गये सवाल से हुबहू मिलते हैं. सीबीआई ने पेपर लीक प्रकरण में जांच जारी रखते हुए आज कुल छह ठिकानों पर छापा मारा. इस दौरान पुणे से मनीषा गुरूनाथ को गिरफ्तार किया. इसके अलावा छापेमारी के दौरान विभिन्न ठिकानों से कंप्यूटर, लैपटॉप सहित अन्य डिजिटल डिवाईस जब्त किया.
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय उच्च शिक्षा मंत्रालय द्वारा की गयी लिखित शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 12 मई को प्राथमिकी दर्ज कर पेपर लीक की जांच शुरु की थी. जांच के दौरान अब तक कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें से दो लोग केमेस्ट्री और बॉटनी जुलॉजी पेपर लीक के मास्टर माइंड है. दोनों को NTA को विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया था और वे प्रश्न पत्र को अंतिम रूप देने में शामिल थे. इसके अलावा स्पेशन कोचिंग चलाने के आरोप में मनीषा वाघमारे सहित दूसरे छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है.
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