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नेपाल में हो रही हिंसा पर मनीषा कोइराला हुईं भावुक,  लिखा- काला दिन है...

नेपाल में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. सरकार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाए जाने के बाद नेपाल के युवा सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.
 

Lagatar desk : नेपाल में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. सरकार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाए जाने के बाद नेपाल के युवा सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और व्हाट्सऐप जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध के विरोध में हो रहे इस Gen-Z आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है.

 

 

प्रदर्शन में अब तक 20 लोगों की मौत, 200 घायल

सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान हालात तब और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन परिसर में घुसने की कोशिश की. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें अब तक करीब 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. देश की राजधानी काठमांडू सहित कई हिस्सों में तनाव बना हुआ है.

 

मनीषा कोइराला ने साझा किया इमोशनल पोस्ट

नेपाल में जन्मीं और भारत में लोकप्रिय अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने भी इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें सड़क पर खून से सना एक जूता नजर आ रहा है. इसके साथ उन्होंने इमोशनल होकर लिखा-आजको नेपालका लागि कालो दिन हो.

जब जनताको आवाज, भ्रष्टाचारविरुद्धको आक्रोश र न्यायको मागलाई गोलीले जवाफ दिइयो.इसका हिंदी अनुवाद करते हुए मनीषा ने कहा-नेपाल के लिए आज एक काला दिन है. जब लोगों की आवाज, भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रोश और न्याय की मांग का जवाब गोलियों से दिया जाता है.

 

सरकार ने क्यों लगाया सोशल मीडिया पर बैन

नेपाल सरकार का कहना है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों ने अब तक देश के कंपनी कानून के तहत अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है. इसी वजह से इन पर बैन लगाया गया है. हालांकि, आलोचकों का मानना है कि यह कदम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है.

 

मनीषा कोइराला का नेपाल से गहरा नाता

मनीषा कोइराला का जन्म 1970 में नेपाल में हुआ था. उनके दादा बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और उनके पिता प्रकाश कोइराला भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. मनीषा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत नेपाली फिल्मों से की थी और फिर 1991 में सुभाष घई की फिल्म 'सौदागर' से बॉलीवुड में कदम रखा.

 

 

 

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