Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने सिंचाई विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए राज्य में सिंचाई व्यवस्था और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि झारखंड एक पठारी और वन क्षेत्र वाला राज्य है, जहां कृषि काफी हद तक मॉनसून पर निर्भर है, लेकिन किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही है.
विधायक ने कहा कि झारखंड का कुल भौगोलिक क्षेत्र लगभग 79.22 लाख हेक्टेयर है और कृषि योग्य भूमि करीब 29.74 लाख हेक्टेयर है. उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 24.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सृजन की क्षमता है, लेकिन अब तक केवल लगभग 40 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल हो सका है.
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विधायक ने अपने क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि तिलैया डैम जैसे बड़े जल संसाधन होने के बावजूद किसानों को सिंचाई की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण कई किसानों को पलायन करना पड़ रहा है. उन्होंने बरकठा में पाइपलाइन योजना के लंबे समय से लंबित रहने और लोटिया जलाशय के गेट टूटे होने का मुद्दा भी सदन में उठाया. साथ ही उन्होंने बक्सा डैम की नहर निर्माण में आ रही वन विभाग से संबंधित बाधाओं को दूर करने की मांग की.
मनोज कुमार यादव ने सिंचाई मंत्री को सुझाव देते हुए कहा कि पहाड़ी इलाकों में लिफ्ट सिंचाई की व्यवस्था और छोटे-बड़े तालाबों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल सके.
उन्होंने कहा कि सरकार को योजनाओं को जल्द जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि राज्य के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सके और उनकी स्थिति में सुधार हो सके.
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