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झारखंड पुलिस के कई IPS अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी में

झारखंड पुलिस के कई आईपीएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) पर जाने की तैयारी में हैं. इन अधिकारियों में आईजी और डीआईजी  रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. ऐसी भी खबरें हैं कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दोबारा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की योजना बना रहे हैं. इनमें से कुछ अधिकारियों की फाइलें आगे बढ़ चुकी हैं. सरकार से अनुमति मिलते ही वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले जाएंगे. वहीं कई अन्य अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए आवेदन करने की तैयारी में हैं.
 

Ranchi :  झारखंड पुलिस के कई आईपीएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) पर जाने की तैयारी में हैं. इन अधिकारियों में आईजी और डीआईजी  रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं.

 

ऐसी भी खबरें हैं कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दोबारा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की योजना बना रहे हैं. इनमें से कुछ अधिकारियों की फाइलें आगे बढ़ चुकी हैं. सरकार से अनुमति मिलते ही वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले जाएंगे. वहीं कई अन्य अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए आवेदन करने की तैयारी में हैं.

 

झारखंड के 24 IPS वर्तमान में हैं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर : 

- संपत मीणा

- संजय लाठकर

- नवीन कुमार सिंह

- बलजीत सिंह

- आशीष बत्रा

- साकेत कुमार सिंह

- कुलदीप द्विवेदी

- अभिषेक

- अनुप टी मैथ्यू

- राकेश बंसल

- अनीश गुप्ता

- एम तमिलवाणन

- पी मुरुगन

- जया रॉय

- अखिलेश वॉरियर

- अंशुमन कुमार

- प्रशांत आनंद

- हरि लाल चौहान

- प्रियंका मीणा

- सुभाष चंद्र जाट

- आर रामकुमार

- विनीत कुमार

- के विजय शंकर

- शुभांशु जैन

 

केंद्र ने दो बार भेजा रिमाइंडर

केंद्र सरकार में झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों के लिए 34 पद स्वीकृत हैं. लेकिन वर्तमान में केवल 24 अधिकारी ही तैनात हैं. इसका मतलब है कि अभी भी 10 अधिकारियों की कमी है.

 

इस कमी को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के अपर सचिव (पुलिस-1) ने 24 दिसंबर 2024 को झारखंड के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर योग्य अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने का अनुरोध किया था.

 

इसके बाद, 10 मार्च 2025 को मंत्रालय ने फिर से एक रिमाइंडर भेजा. केंद्र सरकार द्वारा बार-बार अधिकारियों को भेजने का अनुरोध करना यह दर्शाता है कि झारखंड सरकार के पास पर्याप्त संख्या में आईपीएस अधिकारी नहीं हैं, जिन्हें केंद्र की सेवा में भेजा जा सके.

 

नियमों के अनुसार, हर राज्य को केंद्र के लिए एक निश्चित संख्या में अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेजना होता है. हालांकि, झारखंड में पहले से ही आईपीएस अधिकारियों की कमी है, जिसके कारण यह नियम पूरा नहीं हो पा रहा है.

 

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