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झारखंड में खाली हैं कई पद, जिससे ठप है विकास कार्य – प्रतुल शाहदेव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आज एक प्रेस वार्ता आयोजित कर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि झारखंड में मौजूदा सरकार के कार्यकाल को 6 से 7 साल बीत चुके हैं, लेकिन विकास के नाम पर जमीन पर कुछ नहीं दिख रहा है.
 

Ranchi : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आज एक प्रेस वार्ता आयोजित कर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि झारखंड में मौजूदा सरकार के कार्यकाल को 6 से 7 साल बीत चुके हैं, लेकिन विकास के नाम पर जमीन पर कुछ नहीं दिख रहा है.

 

प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने माइनिंग लीज खुद के नाम पर और अपने परिजनों के नाम पर ली है. जबकि जो विकास अंतिम पायदान पर खड़े मूलवासी और आदिवासी समाज तक पहुंचना चाहिए था, वह अब तक नहीं पहुंचा.उन्होंने कहा कि इस बार मुख्यमंत्री को बड़ा मैंडेट मिला था, लेकिन न तो विकास हुआ और न ही इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट सरकार के एजेंडे में दिखा.प्रवक्ता ने यह भी बताया कि राज्य में कई संवैधानिक और प्रशासनिक पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिससे विकास कार्य ठप पड़े हैं. खासकर उन विभागों में जहां 5 करोड़ से ऊपर की योजनाओं की स्वीकृति आवश्यक है, वहां अधिकारी तक नहीं हैं.

 

रिक्त पदों से जूझते विकास विभाग


पथ निर्माण विभाग में अभियंता प्रमुख का पद लंबे समय से खाली है, जिससे करोड़ों की योजनाओं को स्वीकृति नहीं मिल रही.जल संसाधन विभाग जो झारखंड जैसे जल संकट झेल रहे राज्य के लिए अहम है, उसमें अभियंता प्रमुख-1 और प्रमुख-2 दोनों के पद पिछले 6 महीनों से रिक्त हैं.

 

भवन निर्माण विभाग में भी छह महीने से मुख्य अभियंता का पद खाली है, जहां अधीक्षक अभियंता को प्रभार तो दिया गया है. लेकिन वे 5 करोड़ से ऊपर के टेंडर पारित नहीं कर सकते.शाहदेव ने सवाल उठाया कि अगर सरकार भ्रष्टाचार के मामलों से नहीं जूझ रही होती, तो शायद इन अहम पदों के लिए योग्य लोगों की नियुक्ति हो चुकी होती.

 

सरकार तुगलकी और सनातन विरोधी


प्रवक्ता ने सरकार को तुगलकी फरमान जारी करने वाली और सनातन विरोधी करार देते हुए एक और गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि दलमा के DFO सबा आलम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शिवभक्तों को जल चढ़ाने के लिए पैदल आने पर भी 5 शुल्क देना होगा.प्रतुल शाहदेव ने इसे जजिया कर जैसा बताते हुए कहा कि यह आदेश सनातन आस्था पर सीधा प्रहार है. अगर यह फरमान सरकार अविलंब वापस नहीं लेती, तो भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और इस जजिया कर के खिलाफ जोरदार आंदोलन करेंगे.

 

 

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