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मरांडी के आरोप विपक्ष की हताशा, झूठ की राजनीति का नया अध्याय : विनोद पांडेय

झारखंड की राजनीति में बुधवार को तीखी जुबानी जंग देखने को मिली, जब झामुमो ने भाजपा नेता और प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा अवैध कोयला व्यापार को लेकर लगाए गए आरोपों पर कड़ा प्रतिवाद किया.
 

Ranchi : झारखंड की राजनीति में बुधवार को तीखी जुबानी जंग देखने को मिली, जब झामुमो ने भाजपा नेता और प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा अवैध कोयला व्यापार को लेकर लगाए गए आरोपों पर कड़ा प्रतिवाद किया. 

 

झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने इन आरोपों को बेबुनियाद, राजनीतिक रूप से प्रेरित और घबराहट में किया गया प्रयास बताया. उन्होंने कहा कि मरांडी के लगातार आरोप यह साबित करते हैं कि विपक्ष सरकार की सख्त कार्रवाई और पारदर्शी कार्यशैली से असहज है.

 

विनोद पांडेय ने कहा कि झूठ को सौ बार बोलने से वह सच नहीं बनता. झारखंड में कानून का राज है और अवैध गतिविधियों पर हर स्तर पर कार्रवाई होती है. भाजपा सत्ता से बाहर है, इसलिए उसे हर कदम पर डर और भ्रम दिखाई दे रहा है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि किसी सरकार ने कोयला माफियाओं को फलने-फूलने दिया, तो वह भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें थीं.

 

महासचिव ने मरांडी से पूछा कि उन्हें कोयला साइट्स, थानों में कथित फीस, हवाला रूट और महाराजा-सेनापति जैसी कहानी किसने थमाई. उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक आरोप से अधिक फिल्मी पटकथा जैसी लगती है.

 

पांडेय ने कहा कि वर्तमान झामुमो-कांग्रेस सरकार ने पिछले एक वर्ष में अवैध खनन पर ऐतिहासिक रोक लगाई है. इसी वजह से भाजपा असहज और बेचैन है. उन्होंने कहा कि मरांडी के आरोपों में न तथ्य हैं, न सबूत. यह केवल सुर्खियों में रहने और जनता को भ्रमित करने का प्रयास है.

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है, पर वह तथ्यों और कानूनी मानकों पर आधारित होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि अफवाहों को एफआईआर और सुनी-सुनाई बातों को साइट मैप बताना कब से राजनीति का मानक हो गया. यदि मरांडी के पास कोई ठोस प्रमाण है तो सार्वजनिक रूप से सामने लाएं.

 

झामुमो ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि झारखंड में कोयला माफिया को सबसे अधिक संरक्षण भाजपा नेताओं के दौर में मिला. धनबाद से गिरिडीह तक भाजपा से जुड़े कई नाम आज भी अदालतों में दर्ज मामलों का हिस्सा हैं.

 

विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार 2.0 ने एक वर्ष में अवैध खनन पर शिकंजा कसने, खनन पट्टों में पारदर्शिता बढ़ाने, पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही तय करने और कोयला परिवहन में डिजिटल ट्रैकिंग लागू करने जैसे ठोस कदम उठाए हैं. इससे भाजपा की माफिया आधारित राजनीति को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है.

 

उन्होंने कहा कि मरांडी जिन कथाओं को गढ़ रहे हैं, वे राजनीति से अधिक किसी सस्पेंस थ्रिलर की कहानी लगती हैं, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी. झामुमो ने कहा कि झूठ फैलाकर सत्ता नहीं मिलती और वर्तमान सरकार पारदर्शिता के साथ कार्रवाई जारी रखेगी.

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