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मार्केट एक्सपर्ट क्रिस्टोफर वुड का अनुमान, 2026 तक 100,000 के लेवल को छू सकता है शेयर बाजार

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LagatarDesk :    जैफरीज के ग्लोबल हेड इक्विटी स्ट्रेटजी क्रिस्टोफर वुड  ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर अनुमान जताया है. क्रिस्टोफर वुड  का अनुमान है कि शेयर बाजार 2026 तक 1,00,000 के आंकड़े को छू सकता है. यानी आने वाले चार सालों में बीएसई सेंसेक्स 1 लाख का आंकड़ा को पार कर सकती है.  वुड ने यह बात अपने साप्‍ताहिक नोट “The GREED & fear" में लिखी है. उन्‍होंने लिखा है कि उनका मानना है कि ईपीएस में 15 प्रतिशत वृद्धि संभव है. उनका यह आकलन पांच साल के दृष्टिकोण पर आधारित है.

अगले पांच सालों में 70 फीसदी की बढ़त दिखा सकता है बाजार

वुड का अनुमान है कि 5 साल का औसत एवरेज मल्टीपल 19.4 के लेवल पर रहेगा. बता दें कि फिलहाल सेंसेक्स 58,669 के लेवल पर नजर आ रहा है. अगले 5 साल में यह 70 फीसदी की बढ़त दिखा सकता है. दूसरे शब्दों में इसमें सालाना आधार पर 11 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसे भी पढ़े : इमरान">https://lagatar.in/imran-khan-reached-china-spewed-poison-said-modi-fascist-should-hold-a-public-opinion-in-kashmir/">इमरान

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निवेशकों के लिए शेयर बाजार की ग्रोथ अच्छी जगह

क्रिस्‍टोफर वुड ने कहा कि निवेशकों के लिए शेयर बाजार की ग्रोथ हमेशा से ही अच्‍छी जगह रही है. ग्रोथ आरिएन्टिड इक्विटी के लिए भारत प्रमुख केंद्र बिन्‍दु होना चाहिए. वुड ने कहा कि वे अपने लॉन्ग ओनली इंडिया पोर्टफोलियो में घरेलू मांग को बनाये रखेंगे.

कंपनियों के अर्निंग में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी

वुड  भारत के हाउसिंग मार्केट में 7 साल बाद आये अपट्रेंड को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. उनका मानना है कि इसके चलते प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडीचर में बड़े आधार वाली रिकवरी देखने को मिलेगी. जिसके चलते आगे कंपनियों के अर्निंग में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. बढ़ते ब्याज दरों के दौर में भी स्टॉक मार्केट मजबूती दिखाने में भी कामयाब रहेगा. इसे भी पढ़े : करिश्मा">https://lagatar.in/karishma-tanna-applied-mehendi-on-varuns-name-photos-and-videos-surfaced/">करिश्मा

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कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त इंडियन इकोनॉमी को देगी झटका

अनुमान यह भी है कि MSCI इंडिया इंडेक्स में शामिल कंपनियों की आय में 2022-23 में 20 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ देखने को मिलेगी जो एशिया की तीसरी सबसे तेज दर होगी. क्रिस्टोफर ने इस बात की ओर संकेत किया कि यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और ग्लोबल क्रूड ऑयल प्राइस में बढ़ोतरी 2 बड़े जोखिम है. हालांकि वह भारतीय इक्विटी बाजारों पर यूएस फेड की मौद्रिक नीतियों को लेकर बहुत चितिंत नहीं है लेकिन उनका मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त निश्चित तौर पर भारतीय इकोनॉमी को झटका देगी. इसे भी पढ़े : जम्मू">https://lagatar.in/strong-tremors-of-earthquake-in-many-parts-including-jammu-and-kashmir-intensity-5-ponit-7-on-richter-scale/">जम्मू

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अग्रवाल भी जता चुके हैं संभावना

क्रिस्‍टोफर वुड ही नहीं कुछ अन्‍य दिग्‍गज बाजार विशेषज्ञ भी भारतीय शेयर बाजार के भविष्‍य में नये प्रतिमान स्‍थापित करने की संभावना जता चुके हैं. इस महीने की शुरुआत में ही मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने भी कहा था कि सेंसेक्‍स अगले दस सालों में 50,000 से बढ़कर 2,00,000 हो जायेगा. उन्‍होंने कहा कि इन दस सालों में मार्केट में चार गुणा वृद्धि होगी. सेंसेक्‍स दस साल में चार बार ऐसा कर चुका है. इसे भी पढ़े : यूक्रेन">https://lagatar.in/putin-and-jinping-united-against-nato-in-the-midst-of-ukraine-crisis-americas-troubles-increased/">यूक्रेन

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