Search

 
 
 

RSS प्रमुख के बयान पर भड़के मौलाना अरशद मदनी, कहा- मुसलमान अपने धर्म पर कायम रहेंगे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'घर वापसी' बयान पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुसलमान अपने धर्म पर कायम रहेंगे. बीते दिन 17 फरवरी आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने लखनऊ में भारतीय मुसलमानों की घर वापसी को लेकर बयान दिया था.
 

Lagatar Desk: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'घर वापसी' बयान पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुसलमान अपने धर्म पर कायम रहेंगे. बीते दिन 17 फरवरी आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने लखनऊ में भारतीय मुसलमानों की घर वापसी को लेकर बयान दिया था.


आरएसएस चीफ के बयान से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही है. तमाम मुस्लिम संगठनों ने उनके बयान पर नाराजगी जाहिर की है.  इसी कड़ी में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि, मुसलमान अपने धर्म पर जिंदा रहेंगे. उन्होंने नफरत फैलाने वाली विचारधारा और लिंचिंग की घटनाओं की निंदा करते हुए, भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर बल दिया.

 

मौलाना अरशद मदनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि जो बातें 70वर्षों में कहने वाले पैदा नहीं हुए थे, आज वो बातें कही जा रही हैं. बीस करोड़ मुसलमानों की घर वापसी कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि, सच्चाई यह है कि हर वह आवाज जो देश को तबाही, बर्बादी, बदअमनी और आपसी दुश्मनी की ओर ले जाए, वह देश के प्रति वफादारी की आवाज नहीं हो सकती.

 

आगे अरशद मदनी ने कहा कि आज देश के भीतर नफरत की आग भड़काई जा रही है. दिनदहाड़े लिंचिंग की घटनाएं हो रही हैं, गाय के नाम पर बेगुनाहों को मौत हो रही है और सरकार खामोश है. इसके बावजूद कुछ लोग यह ऐलान करते फिर रहे हैं कि देश में वही रहेगा. जो उनके विचारधारा पर चलेगा. यह सोच भारतीय संविधान का खुला उल्लंघन है. साथ ही देश की अखंडता, एकता और शांति के लिए भी खतरनाक है.

 

मदनी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद शुरू से ही सांप्रदायिक और नफरत फैलाने वाली सोच की कड़ी विरोधी रही है और जब तक जिंदा रहेगी, इसका विरोध करती रहेगी. मुसलमान जिंदा हैं और अपने धर्म पर जिंदा रहेंगे. उन्होंने कहा कि, धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती. सभी धर्म मानवता, सहिष्णुता, प्रेम और एकता का संदेश देते हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म का उपयोग कर नफरत और हिंसा फैलाते हैं, वे अपने धर्म के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही