Ranchi: रांची नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर सहित पार्षदों को तीन महीने से मानदेय सहित अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही है. इससे पार्षदों को अपना कामकाज निपटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
रांची नगर निगम के मेयर व पार्षदों को मानदेय सहित अन्य सुविधाएं मिलती हैं. मेयर का मानदेय के रूप में 10 हजार रुपये, डिप्टी मेयर 9 हजार और पार्षदों को मानदेय के रूप में 7000 रुपये मिलता है. मेयर को मिलने वाली सुविधाओं में निगम में ऑफिस शामिल है. निगम के पार्षदों को दी जाने वाली सुविधाओं में निजी सहायक, कार्यालय और अपने-अपने क्षेत्र में घूमने और नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए 50 लीटर पेट्रोल का कूपन मिलता है.
पार्षदों के निजी सहायक को 10 हजार रुपये प्रति माह और पार्षद को ऑफिस के किराये के लिए 4000 रुपये मिलता है. इसके अलावा कार्यालय के लिए कुर्सी,टेबल, अलमारी आदि भी उपलब्ध कराया जाता है. निगम की ओर से मेयर और डिप्टी मेयर को निगम में कार्यालय उपलब्ध करा दिया गया है. लेकिन मानदेय उन्हें भी नहीं मिल रहा है.
रांची नगर निगम का चुनाव नहीं होने की वजह से केंद्र सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों को अनुदान देने बंद कर दिया था. निगम चुनाव में पिछड़ी जाति के आरक्षण का मामला निपटाये जाने के बाद फरवरी 2026में चुनाव हुआ.
मार्च में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मेयर और 53 पार्षदों ने अप्रैल में शपथ ग्रहण किया. इसके बाद से चुने हुए सभी पदाधिकारियों ने अपना अपना काम शुरू किया. लेकिन इन्हें मिलने वाली सुविधाएं अब तक नहीं मिली है. इससे पार्षदों में नाराजगी है. पार्षदों ने बताया कि उन्हें वर्ष 2008 से मेयर, डिप्टी मेयर सहित पार्षदों को मानदेय सहित अन्य सुविधाएं मिलती रही है.
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