Ranchi : झारखंड में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत और एकीकृत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है. झारखंड स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रांची को क्रियाशील बनाने की प्रक्रिया तेज करते हुए डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता को इसका कुलपति नियुक्त किया गया है. इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने 20 मार्च को अधिसूचना जारी की है.
डॉ. गुप्ता वर्तमान में एम्स नई दिल्ली में कार्यरत हैं. वे अधिकतम तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक अथवा अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे.
विश्वविद्यालय के संचालन के लिए रांची के ब्रांबे स्थित पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान परिसर को चिन्हित किया गया है. इसे अस्थायी रूप से विश्वविद्यालय के लिए हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस संबंध में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने परिसर को स्वास्थ्य विभाग को सौंपने का आग्रह किया है, ताकि विश्वविद्यालय को जल्द शुरू किया जा सके.
विश्वविद्यालय के गठन के बाद राज्य के मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थान एकीकृत शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे के तहत आ जाएंगे. इससे पढ़ाई, परीक्षा, संबद्धता और मान्यता से जुड़े कार्यों में एकरूपता आएगी. अभी तक अलग-अलग विश्वविद्यालयों के अधीन होने के कारण संस्थानों को समन्वय में दिक्कत होती थी.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में बढ़ोतरी की प्रक्रिया भी आसान होगी. साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना राज्य की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम है. इससे सभी संस्थानों के एकीकृत नियंत्रण के जरिए पढ़ाई और प्रशासनिक कार्यों में सुधार आएगा.
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