Ranchi: अपर बाजार के पुनर्विकास को लेकर बुधवार को नगर निगम, झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स, ट्रेड यूनियन और व्यवसायियों के बीच बैठक हुई. इस मौके पर नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि पुनर्विकास की योजना सभी पक्षों की सहमति और सुझावों के आधार पर तैयार की जाएगी. इसके लिए व्यापारियों से सात दिनों के भीतर समाधान आधारित सुझाव मांगे गए हैं.
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नगर निगम ने बताया कि निगम की करीब 8 एकड़ जमीन पर बनी 608 दुकानों का सर्वे कराया गया है. जांच में करीब 180 दुकानों का संचालन मूल आवंटियों की जगह अन्य लोगों या रिश्तेदारों द्वारा किए जाने की बात सामने आई.

वहीं करीब 30 दुकानों के अवैध हस्तांतरण के मामले भी मिले हैं.कई दुकानों में बिना अनुमति स्थायी और बहुमंजिला निर्माण और वर्षों से किराया बकाया रहने जैसी अनियमितताएं भी मिली हैं.
बैठक में व्यापारियों ने पार्किंग, ट्रैफिक जाम, जर्जर भवनों, अग्नि सुरक्षा, स्वामित्व और भविष्य की विकास योजना से जुड़े मुद्दे उठाए. नगर आयुक्त ने कहा कि सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार होगा. नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों के हित सुरक्षित रखे जाएंगे, जबकि अनियमितताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में तय हुआ कि नगर निगम बिहारी धर्मशाला में विशेष शिविर लगाकर 31 मार्च 2026 तक के बकाया किराये की वसूली करेगा. इससे रिकॉर्ड अपडेट किए जाएंगे और दुकानों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
चैंबर ऑफ कॉमर्स और ट्रेड यूनियन ने पुनर्विकास में सहयोग का भरोसा दिया. तय हुआ कि व्यापारियों से सुझाव मिलने के बाद कार्ययोजना तैयार की जाएगी. नगर आयुक्त ने कहा कि अपर बाजार रांची की ऐतिहासिक और आर्थिक पहचान है.
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