Dhanbad News: खदानों में खनन कार्य समाप्त होने के बाद प्रभावित गांवों के विकास और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है. इसी क्रम में गुरुवार को समाहरणालय स्थित डीएमएफटी सभागार में उप विकास आयुक्त सन्नी राज की अध्यक्षता में माइन्स क्लोजर एडवायजरी कमिटी की बैठक हुई.
बैठक में बीसीसीएल, ईसीएल और सेल के खदान क्षेत्रों में खनन समाप्ति के बाद प्रभावित पंचायतों के सामुदायिक विकास और स्थानीय नागरिकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.
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बैठक में उप विकास आयुक्त ने बीसीसीएल के बरोरा, ब्लॉक-2, गोविंदपुर, सिजुआ, कतरास, कुसुंडा, पुटकी बलिहारी, पश्चिमी झरिया और पूर्वी झरिया क्षेत्र के साथ-साथ ईसीएल के मुगमा एवं सेल माइंस से जुड़े क्षेत्रों की पंचायतों की सटीक मैपिंग कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि संबंधित माइंस से 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाली पंचायतों को चिह्नित कर विकास योजनाओं को जरूरत के आधार पर तैयार किया जाए.
डीडीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का चयन और स्वीकृति ग्राम सभा के माध्यम से ही हो. किसी भी सिविल निर्माण कार्य से पहले विस्तृत चेकलिस्ट तैयार करने तथा सरकारी भूमि पर प्रस्तावित योजनाओं के लिए संबंधित अंचल अधिकारी से अनिवार्य रूप से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने को कहा गया.
बैठक में विभिन्न कोलियरी क्षेत्रों की ओर से सामुदायिक विकास के लिए अलग-अलग प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए. बरोरा एरिया ने पंचायतों में सोलर लाइट लगाने तथा सार्वजनिक कुओं की मरम्मत और जीर्णोद्धार का प्रस्ताव रखा. ब्लॉक-2 एरिया ने तालाब घाटों के जीर्णोद्धार और सोलर लाइट लगाने की योजना रखी.
गोविंदपुर एरिया की ओर से स्नान घाट निर्माण एवं सोलर लाइट की व्यवस्था, जबकि सिजुआ एरिया ने खेल मैदान में क्रिकेट पिच निर्माण के साथ तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव दिया.
कतरास एरिया ने झिंझी पहाड़ी में योगा सेंटर स्थापित करने तथा केशलपुर पंचायत भवन के सभागार के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव रखा. कुसुंडा एरिया ने मुक्तिधाम और तालाब के जीर्णोद्धार के साथ चेक डैम निर्माण की योजना प्रस्तुत की.
वहीं पुटकी बलिहारी एरिया की ओर से नेहरू पार्क में ओपन जिम स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया. पूर्वी झरिया एरिया ने तालाब जीर्णोद्धार, बड़े पैमाने पर पौधारोपण और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए कप-प्लेट निर्माण मशीन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा.
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, बीसीसीएल के महाप्रबंधक (पर्यावरण) राजन कुमार, उप प्रबंधक (पर्यावरण) चिराग चोपड़ा, डीएमएफटी टीम लीडर शैलेश तिवारी, बीसीसीएल के सभी 12 क्षेत्रों के प्रोजेक्ट ऑफिसर, ईसीएल एवं सेल के पदाधिकारी, प्रभावित पंचायतों के मुखिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
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