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रांची विश्वविद्यालय में डाटा साइंस पाठ्यक्रम को लेकर बैठक

रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. के. सिंह की अध्यक्षता में एमएससी डाटा साइंस पाठ्यक्रम समिति की बैठक आईक्यूएसी सेल में आयोजित की गई. कुलपति ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए और प्रस्तावित पाठ्यक्रम को देश के शीर्ष संस्थानों के समकक्ष बनाने पर जोर दिया.
 

Ranchi : रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. के. सिंह की अध्यक्षता में एमएससी डाटा साइंस पाठ्यक्रम समिति की बैठक आईक्यूएसी सेल में आयोजित की गई. कुलपति ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए और प्रस्तावित पाठ्यक्रम को देश के शीर्ष संस्थानों के समकक्ष बनाने पर जोर दिया.

 

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में संचालित होने वाला डाटा साइंस पाठ्यक्रम देश के श्रेष्ठ पांच संस्थानों के समकक्ष स्तर का होना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने पाठ्यक्रम में उद्यमिता (Entrepreneurship) से संबंधित विषयों को भी समाहित करने की आवश्यकता पर बल दिया.

 

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान तकनीकी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा जैसी नवीन एवं उभरती प्रौद्योगिकियों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए. 

 

इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछली बैठक में दिए गए निर्देशानुसार अंतिम सेमेस्टर में उद्योगों में अनिवार्य इंटर्नशिप की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सकेगा.

 

बैठक में आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. ए. के. डेल्टा और जेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. एस. एन. सिंह ने भी पाठ्यक्रम की संरचना और गुणवत्ता को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए. बैठक की शुरुआत पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. आशीष कुमार झा ने की, जिन्होंने प्रस्तावित पाठ्यक्रम के तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर की रूपरेखा पर विस्तार से जानकारी दी.

 

सदस्य सचिव डॉ. घनश्याम प्रसाद ने बताया कि पूर्व बैठक के निर्णयों के आधार पर संशोधित सिलेबस तैयार कर चर्चा के लिए प्रस्तुत किया गया है. बैठक में आईआईआईटी इलाहाबाद के डॉ. मनीष कुमार, एनआईईएलआईटी रांची के वैज्ञानिक-डी डॉ. जे. के. शाह, आईआईआईटी रांची के डॉ. शशिकांत और अमिटी विश्वविद्यालय के डॉ. मोहित कुमार ने भी भाग लेकर पाठ्यक्रम को अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए.

 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गणित के दो विषयों को समायोजित कर उनके स्थान पर डाटा इंजीनियरिंग से संबंधित नया पाठ्यक्रम-पत्र शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा. अगली बैठक 27 मार्च को आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें संशोधित सिलेबस को एकेडमिक काउंसिल के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा. अंत में सदस्य सचिव डॉ. घनश्याम प्रसाद ने सभी विद्वानों का आभार व्यक्त किया.

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