Jamshedpur : एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के नए सत्र 2026 के छात्रों के साथ रैगिंग मामले में कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई की है. सोमवार देर शाम हुई एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में 17 छात्रों को दोषी मानते हुए छात्रावास से बाहर कर दिया गया है. दोषी छात्रों में 2024 बैच के 14 और 2025 बैच के तीन छात्र शामिल हैं.
इसके साथ ही प्रत्येक छात्र पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. छात्रों को 15 दिनों के लिए कॉलेज की पढ़ाई से भी निष्कासित किया गया है. इस दौरान वे कॉलेज की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकेंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को अगले आदेश तक कॉलेज की गतिविधियों से दूर रखा जाएगा.
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गौरतलब है कि कॉलेज में 27 और 30 सितंबर को नए छात्रों के साथ रैगिंग की घटनाएं सामने आई थीं. शिकायत मिलने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने शनिवार को एसडीएम की मौजूदगी में मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए.
फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रैगिंग में शामिल छात्रों की पहचान की गई. इसके बाद सोमवार को प्राचार्य की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक हुई, जिसमें एनएमसी के रैगिंग संबंधी दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई का फैसला लिया गया. हालांकि व्यस्तता के कारण एसडीएम सोमवार की बैठक में शामिल नहीं हो सके.
बैठक में सीसीटीवी फुटेज समेत जांच के दौरान मिले अन्य साक्ष्यों की समीक्षा की गई और दोषी छात्रों के खिलाफ सजा तय की गई. कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई से पहले आरोपित छात्रों के अभिभावकों को भी सोमवार को कॉलेज बुलाया था, लेकिन किसी भी छात्र के अभिभावक बैठक में नहीं पहुंचे.
प्रशासन के अनुसार, सभी संबंधित छात्रों को मंगलवार तक कार्रवाई से संबंधित पत्र सौंप दिया जाएगा. रैगिंग की घटनाओं के समय ड्यूटी पर तैनात तीन होमगार्ड जवानों को भी हटा दिया गया है. उनकी जगह नए जवानों की तैनाती की गई है.
कॉलेज प्रशासन ने साफ किया है कि परिसर में रैगिंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. भविष्य में भी रैगिंग में किसी छात्र की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

