New Delhi : माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा भारत में 2030 तक लगभग 50 अरब डॉलर की रकम AI से जुड़े इंफ्रा और स्किल डेवलपमेंट के लिए निवेश किये जाने की बात कही गयी है. भारतीय रुपये में यह राशि लगभग 4 लाख करोड़ रुपये के बराबर है. माइक्रोसॉफ्ट ने यह घोषणा दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 में की है
माइक्रोसॉफ्ट के वाईस चेयरमैन और अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने Summit के मंच से कहा कि AI का फायदा अभी दुनिया के देशों में बराबर रूप से नहीं बंटा है. कहा कि कुछ देशों में AI तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कई देशों में इसकी पहुंच अभी नगण्य है. ब्रैड स्मिथ ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट चाहती है कि AI सिर्फ बड़े देशों और बड़ी कंपनियों तक सीमित न रह कर आम लोगों तक पहुंचे.
ब्रैड स्मिथ ने माना कि भारत, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे देशों (Global South) में AI को लेकर बड़ा अवसर है. Global South के देशों में टैलेंट भी है और यूजर्स भी. ब्रैड स्मिथ ने कहा कि सही इंफ्रा और ट्रेनिंग के बिना AI का फायदा पूरा नहीं मिल सकता है.
ब्रैड स्मिथ ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट इस गैप को भरना चाहता है. हमारा फोकस AI डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रा और लोकल लेवल पर AI स्किल बढ़ाने पर है. उन्होंने कहा कि हमारी टीचर्स और स्टूडेंट्स को भी AI से जोड़ने की योजना है.
माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत उसके लिए सिर्फ एक मार्केट नहीं है, बल्कि भारत AI ग्रोथ का अहम सेंटर है. कहा कि माइक्रोसॉफ्ट पूर्व से ही भारत में क्लाउड और AI इंफ्रा पर निवेश कर रही है.
समिट में एक आम राय बनी कि आने वाले वर्षों में सरकार, स्टार्टअप्स और बड़ी टेक कंपनियों को मिलकर काम करना होगा. ऐसा किये जाने पर AI का इस्तेमाल सिर्फ लाभ के लिए नहीं बल्कि आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए हो पायेगा. माइक्रोसॉफ्ट को विश्वास है कि AI आने वाले समय में एजुकेशन, हेल्थ, खेती और सरकारी सेवाओं में बड़ा बदलाव ला सकता है.
याद करें कि AI Impact Summit के दौरान सुंदर पिचाई ने भारत में अगले 5 सालों में 15 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है. यह जानना जरूरी है कि भारत में टेक कंपनियों के निवेश के पीछे का कारण भारत बड़ी आबादी वाला देश है. अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के मुनाफे का बड़ा हिस्सा भारतीय यूजर्स से आता है.
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