Search

 
 
 

पश्चिम बंगाल  SIR :  सुप्रीम कोर्ट के तेवर तल्ख, कलकत्ता हाईकोर्ट को आदेश, सीजेएम को राहत दें,  पूर्व जजों को लगायें

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अहम निर्णय लेते हुए  हाई कोर्ट के चीफ जस्टिसको निर्देश दिया कि न्यायिक अधिकारियों को राहत देते हुए बंगाल में एसआईआर के काम में सहायता के लिए पूर्व न्यायाधीशों को नियुक्त करने की दिशा में कदम बढायें.
 

New Delhi/Kolkata  : पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने आज शुक्रवार को राज्य में चुनाव आयोग द्वारा जारी SIR को लेकर सुनवाई की.  


SC ने सुनवाई के क्रम में क़ड़ा रुख अख्तियार करते हुए  कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को अहम दिशा-निर्देश जारी किये. कहा कि SIR के काम में लगाये गये सीजेएम को हटाकर पुराने जजों को इस काम में लगायें.  


सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अहम निर्णय लेते हुए  हाई कोर्ट के चीफ जस्टिसको निर्देश दिया कि न्यायिक अधिकारियों को राहत देते हुए बंगाल में एसआईआर के काम में सहायता के लिए पूर्व न्यायाधीशों को नियुक्त करने की दिशा में कदम बढायें.


जान लें कि सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार द्वारा SIR प्रक्रिया में पर्याप्त संख्या में ए श्रेणी के अधिकारियों को नियुक्त न करने का भी संज्ञान लिया. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 28 फरवरी को बंगाल की ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति प्रदान की. कहा कि जरूरत पड़ने पर बाद में सप्लीमेंट्री सूची भी जारी कर सकते हैं.


इस क्रम में  कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे एसआईआर प्रक्रिया में लगे न्यायिक अधिकारियों को लॉजिस्टिक सहायता सहित सुरक्षा प्रदान करें.


सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा है कि वे मुख्य सचिव, डीजीपी और चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक करें. जिससे  एसआईआर प्रक्रिया सुचारु रूप से चले. कोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि एसआईआर मामलों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा दिये गये आदेश अदालत के आदेश माने जायेंगे.   


 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें
 
 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही