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Middle East crisis: रियाद में अरब और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक आज

ईरानी हमलों का सबसे ज्यादा असर  यूएई और सऊदी  पर पड़ रहा है. हमलों से परेशान सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि बुधवार शाम राजधानी रियाद में अरब और इस्लामी देशों के एक समूह के विदेश मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय बैठक होगी.
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  • अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण खाड़ी के देश हलकान हैं.
  • हमलों के कारण मिडिल ईस्ट  सुरक्षा आपात स्थिति का सामना कर रहा है
  • अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है.

Riyadh : अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण खाड़ी के देश हलकान हैं. अमेरिका—इजरायल लगातार  ईरान पर एयर स्ट्राइक कर रहे हैं, वहीं पलटवार करते हुए ईरान मिडिल ईस्ट में मौजूद यूएस बेस सहित एयरपोर्ट, तेल डीपो को निशाना बना रहा है.

 

 

ईरानी हमलों का सबसे ज्यादा असर  यूएई और सऊदी  पर पड़ रहा है. हमलों से परेशान सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि बुधवार शाम राजधानी रियाद में अरब और इस्लामी देशों के एक समूह के विदेश मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय बैठक होगी.

 

सूत्रों के अनुसार यह बैठक कल मंगलवार को हुई गहन कूटनीतिक गतिविधियों के बाद आहूत की जा रही है. सऊदी विदेश मंत्रालय इस संबंध में सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है. जिसमें कहा गया है कि उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य फोकस  खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को समर्थन देने के तरीकों पर विचार-विमर्श और समन्वय होगा.

 

इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह  ऐसे समय में हो रही हैं जब पूरे मध्य पूर्व में तनाव और संघर्ष बढ़ता ही जा रहा है.जानकारी के अनुसार सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने संयुक्त अरब अमीरात(UAE)मिस्र, इराक, सीरिया, अल्जीरिया और बोस्निया एवं हर्जेगोविना के अपने समकक्षों के साथ फोन पर बैठक के संदर्भ में  लगातार बातचीत की.

 

कहा जा रहा है कि आज बुधवार को बुलाई गयी बैठक अरब और इस्लामी देशों द्वारा मौजूदा संघर्ष के प्रभावों को संभालने के लिए एकजुट प्रयास का संकेत है. बैठक का मुख्य एजेंडा क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना है. क्षेत्रीय संकट को संभालने का प्रयास करना है.  

 

मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान के बाद और स्थिति गंभीर हो चली है. ईरान ने  पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट में मौजूद  अमेरिकी सैन्य बेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले किये हैं.  

 

सैन्य बेस और दूतावास पर हुए हमलों के कारण मिडिल ईस्ट  सुरक्षा आपात स्थिति का सामना कर रहा है. इसका असर लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्रों पर भी साफ नजरआ रहा है. ईरानी हमलों के कारण दुबई और दोहा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को कई बार बंद करना पड़ा है.

 

इस कारण वैश्विक व्यापार, यात्री परिवहन चिकित्सा आपूर्ति की  पर गंभीर असर पड़ा है. बता दें कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है.

 


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