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मिडिल ईस्ट तनाव : इजरायल ने तेहरान-तबरीज में किए हवाई हमले, ईरान ने भी दागीं मिसाइलें

Lagatar Desk :  मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच मंगलवार को इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने ईरान के तेहरान और तबरीज शहर में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं.

 

आईडीएफ के मुताबिक, इन हमलों में तबरीज में स्थित एक विशेष यूनिट का कमांड सेंटर और तेहरान में “इमाम हसन” सुरक्षा इकाई के सैन्य परिसर को निशाना बनाया गया.

 

इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल और तोपखाने से जुड़े सुरक्षा कमांड सेंटर, मराघेह प्रांत में इंटेलिजेंस व जनरल सिक्योरिटी पुलिस का कमांड सेंटर और तबरीज में बसीज बलों के बड़े ठिकाने को नष्ट किया गया है. 

 

ईरान की मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में रोका

इसी बीच इजरायली वायुसेना ने बताया कि ईरान की ओर से इजरायल की तरफ मिसाइलें दागी गईं, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक लिया. इजरायली सेना ने लोगों से सतर्क रहने और अलर्ट मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.

 

इजरायली सेना (IDF) ने कहा कि सुरक्षित स्थान से बाहर निकलने की अनुमति तभी होगी, जब इसके लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे. लोगों से होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का लगातार पालन करने को कहा गया है. 

 

 

इजरायल के सैन्य खुफिया व सैटेलाइट निगरानी केंद्र नष्ट करने का दावा

वहीं ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि ईरानी सेना ने हाइफा में स्थित इजरायल के सैन्य खुफिया और सैटेलाइट निगरानी केंद्र को ड्रोन हमले से निशाना बनाया है. यह केंद्र उन्नत सैन्य हथियारों के विकास और निर्माण में अहम भूमिका निभाता है.

 

 

ईरान ने यह भी दावा किया है कि इस्फहान के ऊपर अमेरिकी MQ-9 रीपर और इजरायली हर्मीस ड्रोन को मार गिराया गया है. इसके अलावा ईरान ने कद्र, इमाद और खैबर शिकन जैसे कई मिसाइलें अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर दागे हैं.

 

 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,  संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी कहा है कि वह ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले का सामना कर रहा है. वहीं सऊदी अरब ने बताया कि शायबा तेल क्षेत्र के पास दो ड्रोन को मार गिराया गया. 

 

इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी ईरानी नौसैनिक जहाजों पर हमले के कुछ वीडियो शेयर किए हैं. 

 

 

 पहले हमले की बात से ईरान का इनकार

दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस बात से इनकार किया है कि ईरान अमेरिका पर पहले हमला करने की योजना बना रहा था. उन्होंने अमेरिका के इस दावे को झूठ बताते हुए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को गंभीर गलती करार दिया. 

 

मिडिल ईस्ट तनाव का असर कई देशों तक पहुंचा

गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब कई देशों तक पहुंच गया है. ईरान ने जवाबी कार्रवाई में यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों, दूतावासों और ऊर्जा से जुड़े ढांचों को निशाना बनाया है.

 

इस तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ रहा है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की टैंक गुजरती है. 

 

 

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