Giridih News : बगोदर प्रखंड के खेतको निवासी प्रवासी मजदूर संजय मिर्धा (36) की पुणे में मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
इसे भी पढ़ें...
संजय मिर्धा रोजगार के सिलसिले में पुणे गए थे. उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है. परिजन मौत के वास्तविक कारण की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं.
संजय अपने पीछे पत्नी सोनिया देवी, पुत्र दीपेश कुमार (16) और बेटी राधिका कुमारी (11) को छोड़ गए हैं. उनके पिता का नाम गेंदों तुरी और माता का नाम शांति देवी है. परिवार के लिए संजय ही महत्वपूर्ण सहारा थे. उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी गहरा गया है.
प्रवासी मजदूरों के हित में आवाज उठाने वाले सिकंदर अली ने संजय मिर्धा के निधन पर दुख जताया. उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और उनके परिवार के हित में प्रशासन को आवश्यक पहल करनी चाहिए.
परिजनों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से संजय मिर्धा का शव पुणे से जल्द खेतको लाने की व्यवस्था कराने की मांग की है. परिवार ने आर्थिक स्थिति को देखते हुए शव को गांव तक लाने के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

