- 15वें वित्त आयोग से झारखंड की पंचायतों को बड़ी सौगात
- अनटाइड फंड की दूसरी किस्त 275.12 करोड़ जारी
- टाइड फंड की पहली किस्त से झारखंड को मिला 412.68 करोड़
Ranchi : झारखंड की पंचायतों को 15वें वित्त आयोग से बड़ी वित्तीय सहायता मिली है. यह राशि 15वें वित आयोग की अनुशंसा पर ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए बेसिक ग्रांट की दो महत्वपूर्ण किस्तें जारी की गई हैं.
यह ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह की लगातार पहल, समन्वय और प्रयासों का परिणाम है. मंत्री दीपिका ने 15वें वित आयोग की राशि निर्गत करने के लिए केंद्र सरकार की सभी मापदंड़ों को पूरा किया.
केंद्र सरकार से राशि निर्गत कराने के लिए मंत्री दीपिका खुद चार से पांच बार दिल्ली गयीं. विभाग की ओर से भी केंद्र को लगातार पत्रचार किया गया. मंत्री की मेहनत अन्नत्र रंग लाई और राज्य को 275.12 करोड़ अनटाइड और करीब 412.68 करोड़ टाइड फंड की राशि मिली.
इस तरह राज्य को कुल 687.8 करोड़ की सहायता राशि मिली, जिससे राज्य की ग्राम पंचायतों, प्रखंड पंचायतों और जिला परिषदों को विकास योजनाओं में गति और ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी.
झारखंड को 275.12 करोड़ की अनटाइड बेसिक ग्रांट
15वें वित्त आयोग से झारखंड को वर्ष 2024-25 की दूसरी किस्त के तहत 27,512.53 लाख रुपये (करीब 275.12 करोड़ रुपये) का अनटाइड फंड जारी की गई है. यह राशि राज्य की 4,342 ग्राम पंचायतों, 253 प्रखंड पंचायतों और 24 जिला परिषदों के लिए जारी की गई है.
इस राशि का उपयोग स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर कर सकेंगी. इसे 11वीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले विषयों जैसे ग्रामीण सड़क, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, जल संरक्षण, प्रकाश व्यवस्था, कृषि आधारित योजनाएं आदि पर खर्च किया जा सकेगा.
412.68 करोड़ की टाइड फंड का पैसा भी केंद्र ने जारी की
झारखंड को 41,268.79 लाख रुपये (करीब 412.68 करोड़ रुपये) की टाइड बेसिक ग्रांट वर्ष 2024-25 की प्रथम किस्त के रूप में जारी की गई है. टाइड ग्रांट का इस्तेमाल विशेष रूप से पेयजल, स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, वर्षा जल संचयन और खुले में शौच मुक्त स्थिति के रख-रखाव जैसे काम किए जायेंगे, जिसमें पेयजल और स्वच्छता के काम को प्राथमिकता के आधार पर व्यय सुनिश्चित किया जाना है.
पंचायतों को मिलेगी मजबूती, ग्रामीण विकास को नई रफ्तार
केंद्र से मिली 687.8 करोड़ के अनुदान से पंचायतों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में तेजी आएगी. ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रतिबद्ध है. 15वें वित्त आयोग की यह राशि झारखंड के ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी.
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