- नए पेट्रोलियम कंट्रोल ऑर्डर के खिलाफ एसोसिएशन ने खाद्य आपूर्ति मंत्री को सौंपा मांग पत्र
- 200 लीटर की दैनिक सीमा और पेसो प्रमाणित कंटेनरों की अनिवार्यता से आ रही कठिनाइयां
Ranchi : झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन (जेपीडीए) के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री इरफान अंसारी से मुलाकात की. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार द्वारा 11 जून को जारी संशोधित पेट्रोलियम कंट्रोल ऑर्डर के कारण राज्य में उत्पन्न हो रही गंभीर व्यावहारिक और परिचालन संबंधी कठिनाइयों से अवगत कराया और एक मांग पत्र सौंपा. इस महत्वपूर्ण बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित रहे.
एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नए आदेश के तहत आगामी 90 दिनों के लिए प्रति उपभोक्ता प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल आपूर्ति की सीमा तय की गई है. इसके अलावा वाहनों के अतिरिक्त डीजल की बिक्री केवल पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) द्वारा प्रमाणित कंटेनरों में ही करने का निर्देश है.
डीलरों का कहना है कि राज्य में स्कूल, अस्पताल, मोबाइल टावर, कृषि मशीनरी, सड़क निर्माण और लघु उद्योगों को रोजाना 200 लीटर से कहीं अधिक डीजल की जरूरत होती है. साथ ही बाजार में PESO प्रमाणित कंटेनर आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विशेषकर किसानों और आवश्यक सेवाओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
राजपत्र अधिसूचना की धारा 4 के तहत राज्य सरकार को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छूट देने का अधिकार है, जिसके आलोक में एसोसिएशन ने डीजल आपूर्ति सीमा और कंटेनर की अनिवार्यता में ढील देने की मांग की है.
पेट्रोलियम डीलरों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने इसके शीघ्र निदान का आश्वासन दिया. विभाग के सचिव राजेश शर्मा ने इस विषय पर स्पष्ट किया कि चूंकि यह मामला भारत सरकार के आदेश से जुड़ा है, इसलिए इस पर केंद्र सरकार से मंतव्य लेने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा.
मंत्री इरफान अंसारी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए घोषणा की कि वे 18 जून के बाद अपने नेतृत्व में झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल को साथ लेकर दिल्ली जाएंगे. वहां केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात कर उनके समक्ष इन सभी व्यावहारिक समस्याओं को रखा जाएगा और समाधान का प्रयास किया जाएगा. इस संबंध में मंत्री ने अपने पर्सनल सेक्रेटरी को केंद्रीय मंत्रालय को पत्र लिखने का आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिया है.
इस बैठक में जेपीडीए के अध्यक्ष अशोक सिंह, कोषाध्यक्ष मानस सिन्हा, प्रवक्ता प्रमोद सिंह, उपाध्यक्ष अशोक झा सहित साउथ छोटानागपुर पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष राजहंस मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष नीरज भट्टाचार्य और महासचिव कमलेश सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment