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झारखंड में मिशन वात्सल्य से संवरेगा 9 हजार बच्चों का भविष्य

  • -    अनाथालयों के बजाय फोस्टर होम को बढ़ावा 
  • -    बच्चों को पारिवारिक माहौल प्रदान करने का लक्ष्य

Ranchi: झारखंड में बाल कल्याण को बढ़ावा देने के लिए 'मिशन वात्सल्य' के तहत नई कार्ययोजना तैयार की गई है. महिला एवं बाल विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के 9 हजार बच्चों को स्पॉन्सरशिप और फोस्टर केयर से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिस पर मई में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में मुहर लग सकती है.

 

सरकार की योजना अनाथ बच्चों को संस्थागत देखरेख के बजाय 'फोस्टर केयर' के जरिए पारिवारिक माहौल देने की है. इसमें चिन्हित परिवार बच्चों की देखभाल करेंगे, जबकि कानूनी जिम्मेदारी सरकार की होगी. वर्तमान में राज्य में 210 ऐसे परिवारों की पहचान की जा चुकी है, जो बच्चों को घर जैसा वातावरण देने के इच्छुक हैं.

 

स्पॉन्सरशिप योजना के तहत उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी जो गरीबी, तस्करी या माता-पिता की गंभीर बीमारी के कारण संकट में हैं. इन बच्चों को 4 हजार रुपये प्रति माह की सहायता प्रदान किया जाएगा, ताकि उनकी शिक्षा और पोषण में कोई बाधा न आए. ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को इस योजना से जोड़ा जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि सामाजिक भागीदारी बढ़ने से ही हर जरूरतमंद बच्चे को सुरक्षित और स्वस्थ बचपन मिल सकेगा.

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