Ranchi News : बरवाअड्डा थाना प्रकरण को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो ने एक बार फिर पुलिस और पुलिस संगठनों पर तीखा हमला बोला है. मंगलवार को एक कार्यक्रम में चतरा पहुंचे थे विधायक ने प्रेस वार्ता कर कहा कि वह किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे.
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उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो जेल जाना पसंद करेंगे, लेकिन माफी नहीं मांगेंगे. उन्होंने यहां तक कहा कि पुलिस संगठन चाहे तो उन्हें फांसी की सजा दिलाने की मांग करे, वह उसे भी हंसते-हंसते स्वीकार करेंगे. उन्होंने यह बयान उनके और पुलिस पदाधिकारियों के बीच चल रहे विवाद पर दिया.
जयराम महतो ने कहा कि मैं किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगूंगा. मुझे जेल जाना मंजूर है और जरूरत पड़ी तो फांसी भी मंजूर है. हमारे पूर्वज झारखंड के हक और अधिकार की लड़ाई में हंसते-हंसते जेल गए हैं. झारखंड हमारा है और झारखंडियों के हक की लड़ाई हम जेल या फांसी की परवाह किए बिना लड़ते रहेंगे.
उन्होंने कहा कि पुलिस संगठन उन्हें आरोपी बनाकर कार्रवाई की मांग कर रहा है, लेकिन इससे पहले उन पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने कथित तौर पर लोगों के साथ गाली-गलौज की है.
जयराम महतो ने कहा कि कई आईपीएस और दरोगा के गाली देने से जुड़े वीडियो और खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं. उन्होंने पुलिस संगठन से मांग की कि पहले उन मामलों की जांच कर कार्रवाई की जाए और उसके बाद उनके मामले में कार्रवाई की बात की जाए.
पुलिस मुझे विलेन बनाना चाहती थी, जनता की नजर में रातों-रात हीरो बन गया
विधायक ने कहा कि पुलिस उन्हें जनता की नजर में विलेन बनाना चाहती थी, लेकिन इसके उलट वह जनता की नजर में हीरो बन गए. उन्होंने कहा कि पुलिस वाले अपने दिल पर हाथ रखकर बताएं कि वे कितने झारखंडियों के लिए काम करते हैं. प्रतिदिन झारखंड के लोगों को थानों में गाली और प्रताड़ना झेलनी पड़ती है.
उन्होंने कहा कि वह अपने दम पर विधायक नहीं बने हैं, बल्कि जनता ने उन्हें विधायक बनाया है. विधायक के तौर पर मिलने वाली सुविधाएं और वेतन भी जनता के पैसे से चलता है. इसलिए जनता के हक और अधिकार के लिए लड़ना उनका दायित्व है.
गलती हुई है तो उसका समर्थन नहीं करता
जयराम महतो ने अपने बयान और कथित गाली-गलौज को लेकर कहा कि वह मानते हैं कि उनसे गलती हुई है और वह उस गलती का समर्थन नहीं करते. हालांकि उन्होंने कहा कि जनता के हित के लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.
उन्होंने कहा कि मैं पुलिस के नजर में विलेन जरूर हूं, लेकिन जनता की नजर में हीरो हूं. मैं किसी भी हाल में माफी नहीं मांगूंगा. जेल जाना पड़े तो जेल जाऊंगा और फांसी की सजा भी होगी तो उसे हंसते-हंसते मंजूर करूंगा.
पहले पूरे मामले की जांच करे पुलिस संगठन
विधायक ने पुलिस संगठन के प्रेस बयान पर भी सवाल उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी करीब 11 मिनट की बातचीत को एडिट कर कुछ मिनट का हिस्सा जारी किया गया. उन्होंने कहा कि पुलिस संगठन को पूरे प्रकरण की पहले जांच करनी चाहिए और उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए.
जयराम महतो ने कहा कि यदि उनके द्वारा की गई बातचीत पर कानूनी कार्रवाई बनती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सार्वजनिक सड़क पर गाली नहीं दी थी, बल्कि निजी बातचीत के दौरान कथित तौर पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल हुआ.
उन्होंने कहा कि वह पूरे पुलिस विभाग के खिलाफ नहीं हैं. उनका विरोध केवल उस थाना प्रभारी के खिलाफ है, जिसे वह भ्रष्ट बताते हैं. विधायक ने आरोप लगाया कि उक्त थाना प्रभारी ने एक पीड़ित व्यक्ति को बाल पकड़कर थाना में घसीटा और उसके साथ मारपीट की.
जयराम महतो ने कहा कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ उनकी लड़ाई नहीं है, बल्कि भ्रष्ट और गलत तरीके से काम करने वाले पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ है. उन्होंने पुलिस संगठन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
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