Simdega: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908 (CNT Act) के तहत आदिवासियों की जमीन की खरीद-बिक्री में थाना क्षेत्र की बाध्यता को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया.
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विधायक ने कहा कि सीएनटी एक्ट के प्रावधानों के तहत आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री के लिए संबंधित थाना क्षेत्र की बाध्यता का प्रावधान है. लेकिन समय के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव हुआ है और कई पुराने थाना क्षेत्रों का पुनर्गठन कर नए छोटे थाना क्षेत्र बनाए गए हैं.
उन्होंने सदन में सवाल उठाते हुए पूछा कि जब पहले थाना का क्षेत्रफल काफी बड़ा था, और वर्तमान में प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद थाना क्षेत्र छोटे हो गए हैं, तो ऐसी स्थिति में सरकार आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पुराने थाना क्षेत्र को ही आधार मान रही है या वर्तमान में अस्तित्व में आए नए थाना क्षेत्रों को आधार बनाया जा रहा है.
विधायक ने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, ताकि आदिवासी जमीन के हस्तांतरण से जुड़े मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे.
नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि सीएनटी एक्ट आदिवासी समाज की जमीन और अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून है. इसलिए इसके प्रावधानों के अनुपालन में वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप स्पष्टता आवश्यक है.
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