Jakarta : पीएम मोदी इंडोनेशिया दौरे के तीसरे दिन आज बुधवार को इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन(परमब्रह्म) पहुंचे. बताया जाता है कि यह मंदिर एक हजार साल पुराना है. बता दें कि पीएम मोदी आज शाम इंडोनेशिया से ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न रवाना होंगे.
दरअसल पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा था कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ मिलकर योग्याकार्ता में 1,000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण प्रोजेक्ट का शुभारंभ करेंगे. प्रम्बानन मंदिर का इतिहास बता दें कि यह इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के पास स्थित सबसे बड़े मंदिर परिसरों में शामिल है.
नवीं सदी में हुए ज्वालामुखी विस्फोट और 11वीं सदी की शुरुआत में यहां के मंदिर ढह गये थे. 17वीं सदी में इनकी जानकारी सामने आयी. प्रम्बानन मंदिर परिसर में शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित 240 मंदिर हैं. अंदर वाले चौकोर हिस्से में 16 मंदिर हैं. इनमें मुख्य 47 मीटर ऊंचा केंद्रीय शिव मंदिर है.
इसके उत्तर में ब्रह्मा का मंदिर और दक्षिण में विष्णु का मंदिर स्थापित है. अहम बात यह है कि यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है. मंदिर की पत्थर की नक्काशी में रामायण महाकाव्य का इंडोनेशियाई संस्करण दर्शाया गया है.
कल मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मुझे योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण प्रोजेक्ट को लॉन्च करने का सौभाग्य मिलेगा. कहा कि एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है.
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