- 24 में 23 जिलों में सामान्य से कम वर्षा
- अगले 10 दिनों तक अच्छी बारिश का पूर्वानुमान
Ranchi : झारखंड में मॉनसून समय पर पहुंचा जरूर. लेकिन जून महीने में उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया. मौसम केंद्र, रांची के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में जून महीने में सामान्य 189.5 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 86.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 54 प्रतिशत कम है. इसका असर राज्य के अधिकांश जिलों में देखने को मिला, जहां खेती-किसानी और जलस्रोतों को लेकर चिंता बढ़ गई है.
राज्य के 24 जिलों में से केवल दुमका ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य के अनुरूप वर्षा हुई. बाकी 23 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही. सबसे खराब स्थिति साहिबगंज, गढ़वा, चतरा, गोड्डा, कोडरमा और पलामू की रही, जहां सामान्य वर्षा की तुलना में 77 से 99 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई. साहिबगंज में पूरे जून महीने में महज 3.2 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 227 मिमी वर्षा की तुलना में लगभग 99 प्रतिशत कम है.

राजधानी रांची में भी मॉनसून अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा सका. यहां जून में 197.6 मिमी के सामान्य औसत के मुकाबले 146.9 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से 26 प्रतिशत कम रही. वहीं सिमडेगा और जामताड़ा जैसे कुछ जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही, हालांकि वहां भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई.
हालांकि मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जताई है. रांची मौसम केंद्र के वरीय मौसम पूर्वानुमान वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, 3 जुलाई को उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से अगले लगभग 10 दिनों तक झारखंड के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात की भी आशंका है, जिसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई के शुरुआती दिनों में मॉनसून सक्रिय रहेगा, लेकिन महीने के दूसरे पखवाड़े में वर्षा की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती है. इसके पीछे प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो की स्थिति को प्रमुख कारण माना जा रहा है, जिसका प्रभाव देश के मॉनसून पर भी पड़ सकता है.
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जुलाई 2025 में झारखंड में सामान्य से 19 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई थी. इससे पहले वर्ष 2021 में जुलाई के दौरान 42 प्रतिशत और वर्ष 2017 में 81 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी. वहीं तापमान के आंकड़ों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है. जुलाई में अधिकतम तापमान सामान्यतः 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा है.
मौसम विभाग का मानना है कि यदि अगले 10 दिनों के दौरान अनुमान के अनुरूप अच्छी बारिश होती है तो जून में हुई वर्षा की कमी की आंशिक भरपाई हो सकती है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई और जलस्तर में सुधार की संभावना बढ़ेगी.
जून 2026 में जिलावार वर्षा की स्थिति
| जिला | वास्तविक वर्षा (मिमी) | सामान्य वर्षा (मिमी) | कमी (%) |
| बोकारो | 53.7 | 166.6 | 68 |
| चतरा | 35.4 | 160.5 | 78 |
| देवघर | 72.2 | 185.8 | 61 |
| धनबाद | 89.6 | 210.3 | 57 |
| दुमका | 198.3 | 198.9 | 0 |
| पूर्वी सिंहभूम | 85.0 | 235.7 | 64 |
| गढ़वा | 9.0 | 132.4 | 93 |
| गिरिडीह | 69.6 | 188.4 | 63 |
| गोड्डा | 36.3 | 169.1 | 79 |
| गुमला | 111.1 | 198.0 | 44 |
| हजारीबाग | 55.6 | 193.2 | 71 |
| जामताड़ा | 131.9 | 204.9 | 36 |
| खूंटी | 81.7 | 202.4 | 60 |
| कोडरमा | 35.1 | 155.7 | 77 |
| लातेहार | 59.1 | 175.8 | 66 |
| लोहरदगा | 59.7 | 195.0 | 69 |
| पाकुड़ | 83.8 | 226.3 | 63 |
| पलामू | 24.0 | 121.6 | 80 |
| रामगढ़ | 79.1 | 196.5 | 60 |
| रांची | 146.9 | 197.6 | 26 |
| साहिबगंज | 3.2 | 227.0 | 99 |
| सरायकेला-खरसावां | 83.3 | 204.3 | 59 |
| सिमडेगा | 168.6 | 234.8 | 28 |
| पश्चिमी सिंहभूम | 115.3 | 200.5 | 43 |
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment