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मोस्ट वांटेड अपराधी डब्लू सिंह ने किया सरेंडर, 40 हजार का इनाम था घोषित

मोस्टवांटेड अपराधी डब्लू सिंह ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, डब्लू सिंह रविवार की रात उत्तरप्रदेश से पलामू आया और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया. हालांकि फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.
 
डब्लू सिंह की फाइल फोटो

Ranchi :  मोस्टवांटेड अपराधी डब्लू सिंह ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, डब्लू सिंह रविवार की रात उत्तरप्रदेश से पलामू आया और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया. हालांकि फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.

 

झारखंड पुलिस ने साल 2023 में डब्लू सिंह पर 40 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. उसके खिलाफ पलामू, गढ़वा, लातेहार के अलावा कई जिले के अलग अलग थानों में 40 से अधिक मामले दर्ज हैं.

 

डब्लू सिंह के गिरोह में है 38 अपराधी 

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, अपराधी डब्लू सिंह के गिरोह में 38 से अधिक अपराधी सक्रिय है. डब्लू सिंह के गिरोह की सक्रियता पलामू, लातेहार, गढ़वा और रांची जिले में है. कई बड़े घटना को अंजाम देने के बाद वह लंबे समय से फरार चल रहा था.

पुलिस लंबे समय से डब्लू सिंह की तलाश में थी. लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया. इसी बीच रविवार की रात वह उत्तर प्रदेश से पलामू आकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है.

 

अपनी हत्या के डर से गैंगस्टर डब्लू ने कराई थी डॉन कुणाल की हत्या

डब्लू सिंह ने अपनी हत्या के डर से कुख्यात गैंगस्टर कुणाल किशोर की जून 2020 में हत्या कराई थी. इसके लिए शूटरों को 15 लाख रूपए का ऑफर दिया गया था. यह खुलासा रांची से गिरफ्तार शूटर विजय शर्मा उर्फ गुरू जी ने एसआईटी के समक्ष किया था.

 

कुणाल गिरोह का एक सहयोगी फंटूस उर्फ राजेश वर्मा ने डब्लू सिंह को बताया था कि कुणाल उसकी हत्या की योजना बना रहा है. इस सूचना के बाद डब्लू सिंह ने कुणाल को अपने रास्ते से हटाने की योजना बनाने में लग गया. उसकी हत्या के लिए उसने विजय शर्मा को 15 लाख रुपए का ऑफर दिया.

 

इसके बाद अन्नु विश्वकर्मा श्वेतकेतु तिवारी उर्फ चंगु अमरेश मेहता व एक अन्य के साथ कुणाल की हत्या की योजना तैयार की गई. इसके लिए राजेश वर्मा उर्फ फंटूस को कुणल की गतिविधियों की रेकी करने की जिम्मेवारी दी गई थी.

 

घटना के दिन अमरेश मेहता ने सफारी वाहन से कुणाल के वाहन में धक्का मारा. सफारी के पीछे अन्नु विश्वकर्मा व विजय एक अपाची वाहन में थे. वहीं चंगु व अमरेश का एक दोस्त कुणाल के घर से निकलने की सूचना देने के साथ वाहन का पीछा करने में लगा था.

 

घटना स्थल पर जैसे ही सफारी कुणाल की गाड़ी से टकराई,  अन्नु व विजय कार के पास जाकर कुणाल को सटाकर गोली मार दी. घटना को अंजाम देने के बाद विजय शर्मा रांची भाग गया था.

 

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