- -नगर निगम की सिटी लेवल इंप्लीमेंटेशन कमिटी की 12वीं बैठक
- -वायु प्रदूषण नियंत्रण पर लिए गए कई फैसले
- -शहर के पांच सबसे प्रदूषित और पांच साफ इलाकों की होगी पहचान
Ranchi News: अब शहर में सभी निर्माणाधीन भवनों और कंस्ट्रक्शन साइट को ग्रीन शीट से ढकना अनिवार्य होगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में बैठक हुई. जहां सिटी लेवल इंप्लीमेंटेशन कमिटी (CLIC) की 12वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया.
बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत शहर में अब तक हुए कार्यों, खर्च की गई राशि और योजनाओं की भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई. इसके साथ ही वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान कर उन्हें नियंत्रित करने के लिए कई निर्देश दिए गए.
पांच सबसे प्रदूषित और पांच साफ इलाकों की होगी पहचान
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर शहर के पांच सर्वाधिक और पांच न्यूनतम प्रदूषित स्थानों की पहचान कर रिपोर्ट देने को कहा गया है. इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि दिन के किस समय PM10 का स्तर सबसे अधिक और सबसे कम रहता है. इससे प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी.
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पेवर ब्लॉक से लेकर पौधारोपण तक की बनेगी कार्ययोजना
नगर आयुक्त ने NCAP के तहत पेवर ब्लॉक इंस्टॉलेशन, सड़क मरम्मत, पौधरोपण, शवदाह गृह और कचरा प्रबंधन सहित सभी कार्यों को शामिल करते हुए सैचुरेशन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया. इस योजना को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा जाएगा.
शहर में बढ़ेगा हरित आवरण, मॉनिटरिंग के लिए बनेगी टीम
नगर निगम की हॉर्टिकल्चर शाखा को पौधरोपण के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान कर अधिक से अधिक पौधे लगाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है. वहीं शहर के अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता की वैज्ञानिक तरीके से निगरानी के लिए रूट प्लान बनाया जाएगा. इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष टीम भी गठित की जाएगी.
लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश
बैठक में उपलब्ध फंड का अधिकतम और प्रभावी इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया. अभियंत्रण शाखा को लंबित योजनाओं और विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया.
स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान
वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के उपायों की जानकारी देने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. वहीं, नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा को प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियों और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है.
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