Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट ने रांची में आउटडोर विज्ञापन से जुड़े दो मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार/ रांची नगर निगम को दो सप्ताह के भीतर आउटडोर एडवरटाइजिंग पॉलिसी रिकॉर्ड पर लाने का निर्देश दिया है.
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अदालत ने इस बीच रांची नगर निगम को बिना अनुमति लगाए गए यूनिपोल और विज्ञापन होर्डिंग हटाने की छूट दी है. हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने झारखंड स्टेट आउटडोर एडवरटाइजिंग एसोसिएशन एवं इससे संबंधित एक अन्य याचिका पर सुनवाई की.
अदालत ने कहा कि प्रतिवादी पक्ष दो सप्ताह के भीतर आउटडोर एडवरटाइजिंग पॉलिसी को रिकॉर्ड पर लाए. साथ ही, अंतरिम तौर पर रांची नगर निगम (आरएमसी) उन यूनिपोल और विज्ञापन बिलबोर्ड को हटाने के लिए स्वतंत्र है, जो रांची नगर निगम की अनुमति के बिना लगाए गए हैं. मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी.
12 फीट से कम ऊंचाई वाले होर्डिंग हटाने का दिया है निर्देश
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने रांची नगर निगम (RMC) को निर्देश दिया था कि स्ट्रीट लाइट के खंभों पर सड़क की सतह से 12 फीट से कम ऊंचाई पर लगे सभी विज्ञापन बोर्ड तत्काल हटाए जाएं या उन्हें 12 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगाया जाए.
कोर्ट ने रांची नगर निगम को निर्देश दिया था कि डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों पर सड़क की सतह से कम ऊंचाई पर लगाए गए सभी विज्ञापन होर्डिंग, बिलबोर्ड और प्लेकार्ड हटाए जाएं.
अदालत ने स्पष्ट किया था कि यदि सड़क के डिवाइडर पर लगे बिजली के खंभों पर कोई विज्ञापन बोर्ड लगाया जाता है, तो उसका कोई भी हिस्सा सड़क की सतह से 12 फीट से कम ऊंचाई पर नहीं होना चाहिए.
कम ऊंचाई वाले बोर्ड ब्लाइंड स्पॉट भी बना रहे
कोर्ट ने कहा था कि सड़क के बीच बिजली के खंभों पर कम ऊंचाई पर विज्ञापन बोर्ड लगाना निश्चित रूप से यात्रियों के लिए खतरा है. ऐसे बोर्ड ब्लाइंड स्पॉट भी पैदा करते हैं, जिससे सड़क पर दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है.
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