Dhanbad News: नगर निगम के बकाये वसूली को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. इसी कड़ी में असर्फी अस्पताल पर बकाया 3 करोड़ 27 लाख 64 हजार 750 रुपये और उस पर देय ब्याज की वसूली के लिए नीलाम पत्र न्यायालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है. नीलाम पत्र पदाधिकारी राम नारायण खलखो के न्यायालय से अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हरेन्द्र सिंह को नोटिस जारी किया गया है. उन्हें 13 नवंबर 2026 को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर आवश्यक साक्ष्य और प्रमाण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है.
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यह कार्रवाई धनबाद नगर निगम के नगर आयुक्त की याचिका पर बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम 1914 की धारा 7 के तहत की गई है. नगर निगम को इस मामले में पावनेदार और असर्फी अस्पताल को देनदार बताया गया है. अस्पताल पर निगम का कुल 3,27,64,750 रुपये बकाया है. इसके अतिरिक्त निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ब्याज की भी वसूली की जानी है.
जारी नोटिस में देनदार को नोटिस की तामील होने के 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति या जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही 13 नवंबर को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है.
वसूली की कानूनी प्रक्रिया के तहत देनदार को अपनी अचल संपत्ति बेचने, दान करने, बंधक रखने या किसी अन्य तरीके से हस्तांतरित करने पर रोक लगाई गई है. निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने और बकाया वसूली की प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कुर्की और वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है.
सरकारी बकाये की वसूली पर प्रशासन सख्त
उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम सहित सरकारी विभागों की बकाया राशि की वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बकाये की वसूली के लिए नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी.
असर्फी अस्पताल के मामले में जारी नोटिस को नगर निगम के बकाये की वसूली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब इस मामले में अस्पताल की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब और 13 नवंबर को न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी.
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