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नगर निगम: अब संपत्तियों की जियो टैगिंग व गीले-सूखे कचरे को अलग करने की सख्ती

रांची नगर निगम ने अब एक और बड़ा कदम उठाया है. पहले निगम की संपत्तियों का डिजिटाइजेशन हुआ था, अब उन संपत्तियों की जियो टैगिंग की जाएगी. इसके लिए झारखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (JSAC) को जिम्मेदारी दी गई थी. JSAC ने एप्लीकेशन बना लिया है और डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो गया है. अब फील्ड विजिट करके संपत्तियों का जियो टैगिंग किया जाएगा.
 

Ranchi : रांची नगर निगम ने अब एक और बड़ा कदम उठाया है. पहले निगम की संपत्तियों का डिजिटाइजेशन हुआ था, अब उन संपत्तियों की जियो टैगिंग की जाएगी. इसके लिए झारखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (JSAC) को जिम्मेदारी दी गई थी. JSAC ने एप्लीकेशन बना लिया है और डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो गया है. अब फील्ड विजिट करके संपत्तियों का जियो टैगिंग किया जाएगा.

 

इसके लिए आज (11.09.2025) को निगम में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. इसमें कर संग्रहकर्ता, राजस्व निरीक्षक, जोनल व वार्ड सुपरवाइजर, कनिष्ठ अभियंता और सभी फील्ड स्टाफ को एप्लीकेशन की जानकारी दी गई. कार्यक्रम में उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहू, सहायक प्रशासक चंद्रदीप कुमार, मुकेश रंजन, निकेश कुमार और निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.


कचरा पृथक्करण पर निगम की कड़ी कार्रवाई

इसी दिन प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. बैठक का मकसद था – शहर में गीले और सूखे कचरे को अलग करना (स्रोत पृथक्करण) और इसे हर घर व प्रतिष्ठान तक लागू कराना.

 

प्रशासक ने कहा कि स्वच्छ रांची, स्वस्थ रांची तभी संभव है जब हर नागरिक सहयोग करे और अपने घरों व प्रतिष्ठानों से निकलने वाला गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखे.

 

बैठक के मुख्य निर्देश

  • निगम की पूरी टीम बड़े पैमाने पर अभियान चलाए और 100% लक्ष्य हासिल करे.
  • कचरा उठाने वाली हर गाड़ी में जिंगल बजे, जिसमें कचरा अलग करने की अपील और पेनल्टी की जानकारी हो.
  • इनफोर्समेंट ऑफिसर अपने-अपने वार्ड में गाड़ियों की मॉनिटरिंग करें.
  • सभी बैंक्वेट हॉल, होटल, धर्मशाला, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और प्रतिष्ठानों को लगातार निर्देश दिया जाए कि वे कचरा अलग-अलग दें.
  • नियम न मानने वालों के भवन/प्रतिष्ठान पर नोटिस चस्पा किया जाए.

 

जुर्माना और कार्रवाई (झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत)

  • नोटिस के बाद भी मिश्रित कचरा देने पर ₹5000 तक जुर्माना.
  • सड़क या सार्वजनिक जगह पर कचरा डालने पर ₹5000 तक जुर्माना.
  • निर्माण मलबा (C&D वेस्ट) सड़क पर डालने पर ₹5000 तक जुर्माना.
  • सिंगल यूज प्लास्टिक मिलने पर सामान जब्त और जुर्माना.

हर प्रतिष्ठान में दो डस्टबिन जरूरी – एक गीले और एक सूखे कचरे के लिए. नहीं रखने पर जुर्माना और बार-बार गलती करने पर ट्रेड लाइसेंस रद्द.


त्यौहारों से पहले सफाई पर जोर

प्रशासक ने आदेश दिया कि दुर्गा पूजा और आने वाले त्यौहारों को देखते हुए 'सफाई तो होकर रहेगी 4.0' अभियान को और तेज किया जाए. ताकि पूजा समितियों और श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके.

 

बैठक में अपर प्रशासक संजय कुमार, सभी सहायक प्रशासक, इनफोर्समेंट शाखा, स्वच्छता शाखा, स्वच्छता कॉरपोरेशन, पीएमसी और जोनल सुपरवाइजर मौजूद रहे.

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