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Ranchi: मॉनसून को लेकर निगम की क्विक रिस्पांस टीम अलर्ट

मॉनसून के दौरान जल जमाव, पेड़ गिरने और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए रांची नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है. शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में स्वच्छता एवं परिवहन शाखा की समीक्षा बैठक की गई,
 

Ranchi: मॉनसून के दौरान जल जमाव, पेड़ गिरने और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए रांची नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है. शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में स्वच्छता एवं परिवहन शाखा की समीक्षा बैठक की गई, जिसमें अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पूरे मॉनसून सीजन में निगम अलर्ट मोड में कार्य करेगा.

 

बैठक में शहर के संवेदनशील इलाकों, नाले-नालियों की स्थिति, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित सूचना तंत्र की समीक्षा की गई. नगर आयुक्त ने कहा कि जल जमाव, पेड़ गिरने या नालियों के अवरुद्ध होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर लोगों को राहत पहुंचाना निगम की प्राथमिकता होगी.

 

मॉनसून प्रबंधन के लिए 11 क्विक रिस्पांस टीमों का गठन किया जाएगा. इनमें 10 टीमें शहर के विभिन्न जोनों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी एवं जल निकासी व्यवस्था बनाए रखने का काम करेंगी, जबकि एक विशेष टीम आपात परिस्थितियों में तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेगी.

 

मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत निबंधित सफाईमित्रों को भी इन टीमों में शामिल किया जाएगा. टीमों में सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक, नगर अभियान प्रबंधक, सैनिटरी सुपरवाइजर और कनीय अभियंता भी शामिल रहेंगे.

 

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और जमीनी स्तर पर समस्याओं का आकलन करने का निर्देश दिए. साथ ही हाई पावर मोटर पंप, अतिरिक्त जेसीबी, स्किड लोडर समेत अन्य आवश्यक मशीनों और संसाधनों की संख्या बढ़ाने तथा जरूरत के अनुसार उनकी तैनाती सुनिश्चित करने को कहा.

 

स्वच्छता शाखा को निर्देश दिए कि जहां जरूरत हो वहां नालियों के स्लैब हटाकर युद्धस्तर पर सफाई कराई जाए. जल निकासी सुचारू रखने के लिए कच्चे नालों की कटिंग भी की जाएगी. सफाई कार्य पूरा होने के बाद स्लैब को पुनः व्यवस्थित किया जाएगा. वहीं अभियंत्रण शाखा को नालों और नालियों का निरीक्षण कर आवश्यक स्थानों पर नए स्लैब लगाने के निर्देश दिए गए हैं.

 

नगर आयुक्त ने नगर प्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्रों में वार्ड पार्षदों के साथ समन्वय स्थापित कर बंद पड़े नाले-नालियों की पहचान करने और उन्हें शीघ्र चालू कराने का निर्देश दिया, ताकि बरसात के दौरान जल जमाव की समस्या को रोका जा सके.

 


विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास लगभग 500 मीटर क्षेत्र में स्थित नालों और नालियों की विशेष सफाई कराई जाएगी. जरूरत पड़ने पर बैरिकेडिंग, क्षतिग्रस्त स्लैबों की मरम्मत तथा अन्य सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे, ताकि बारिश के दौरान छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

 

 

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