Ranchi News: RIMS रांची में 4 अक्टूबर को झारखंड मस्कुलोस्केलेटल इमेजिंग कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन RIMS के रेडियोलॉजी विभाग और झारखंड रेडियोलॉजी एसोसिएशन - आईआरआईए झारखंड चैप्टर ने संयुक्त रूप से किया.
कार्यक्रम का उद्देश्य रेडियोलॉजिस्टों को मस्कुलोस्केलेटल इमेजिंग, बीमारी की सही पहचान और इमेज गाइडेड इंटरवेंशन की नई तकनीकों की जानकारी देना था. पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, एम्स पटना, आरएमएल आईएमएस लखनऊ और बेंगलुरु से पहुंचे विशेषज्ञों ने डॉक्टरों को इन तकनीकों की जानकारी दी.
कार्यक्रम में मरीजों पर आधारित व्यवहारिक प्रशिक्षण मुख्य आकर्षण रहा. डॉक्टरों को कंधे की इमेजिंग, मांसपेशियों और टेंडन की जांच सहित कई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया. इसके अलावा दर्द के इलाज के लिए मस्कुलोस्केलेटल इंटरवेंशन का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया.
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कार्यक्रम में रांची के सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. RIMS के निदेशक प्रोफेसर डॉ. डी. के. सिन्हा, झारखंड के चिकित्सा शिक्षा निदेशक सह RIMS के डीन रिसर्च प्रोफेसर डॉ. पी. के. भट्टाचार्य और सदर अस्पताल रांची के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार झा भी शामिल हुए.
अतिथियों ने कहा कि इस तरह के सीएमई और व्यवहारिक प्रशिक्षण से डॉक्टरों की जानकारी और तकनीकी क्षमता बढ़ती है. इससे बीमारियों की बेहतर पहचान और इलाज में मदद मिलती है. इसका फायदा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में मिलेगा.
कार्यक्रम के आयोजन में RIMS रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सुरेश टोप्पो, सदर अस्पताल के केंद्रीय रेडियोलॉजी हब के प्रभारी डॉ. अनीश चौधरी और RIMS के रेडियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार रंजन की प्रमुख भूमिका रही.
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