Ranchi News: आपातकाल में मरीजों को जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की पहल पर रांची में नमो जीवन रक्षक बाइक एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से की गई इस पहल का उद्देश्य सुदूरवर्ती गांवों, दुर्गम रास्तों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और शहर की संकरी गलियों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाना है. यह बाइक एम्बुलेंस रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित और पेटेंट प्राप्त स्वदेशी तकनीक पर आधारित है.
कई बार संकरी सड़कों और भीड़भाड़ के कारण बड़ी एम्बुलेंस मरीज तक नहीं पहुंच पाती है. ऐसे में बाइक एम्बुलेंस के जरिए मरीज तक जल्द पहुंचने और उसे अस्पताल ले जाने में मदद मिलेगी. इसमें मरीज को बाइक पर ले जाने के लिए विशेष 'पेशेंट-ऑन-बाइक' व्यवस्था की गई है.
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बाइक एम्बुलेंस में मरीज को शुरुआती चिकित्सा सहायता देने के लिए मल्टी-पैरामीटर पेशेंट मॉनिटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, प्राथमिक उपचार किट, एयर स्प्लिंट और आईवी फ्लूइड देने की सुविधा उपलब्ध है. पेशेंट मॉनिटर से मरीज के ऑक्सीजन स्तर (SpO2), हृदय गति, तापमान और ईसीजी की निगरानी की जा सकती है. वहीं एयर स्प्लिंट चोटिल अंगों को सहारा देने में मदद करता है. उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार वायरलेस प्रणाली से भी मरीज की स्थिति पर नजर रखी जा सकती है.
नमो जीवन रक्षक बाइक एम्बुलेंस का उपयोग ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा पुलिस, अर्धसैनिक बलों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और बड़े परिसरों में भी किया जा सकता है. इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों तक जल्द पहुंचना और उन्हें शुरुआती चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद करना है.
यह पहल रांची में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक कदम है. दुर्गम रास्तों से लेकर संकरी गलियों तक पहुंचने की क्षमता के कारण यह बाइक एम्बुलेंस जरूरतमंद मरीजों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में उपयोगी साबित हो सकती है.
नमो जीवन रक्षक बाइक एम्बुलेंस की प्रमुख विशेषताएं
स्वदेशी तकनीक: डीआरडीओ द्वारा विकसित और पेटेंट प्राप्त तकनीक पर आधारित आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रणाली.
विशेष डिजाइन: बाइक पर मरीज को ले जाने के लिए विशेष 'पेशेंट-ऑन-बाइक' व्यवस्था.
तेज पहुंच: संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और दुर्गम रास्तों में उपयोगी.
मरीज की निगरानी: मल्टी-पैरामीटर पेशेंट मॉनिटर से SpO2, हृदय गति, तापमान और ईसीजी की निगरानी.
ऑक्सीजन की सुविधा: जरूरत के अनुसार मरीज को ऑक्सीजन देने के लिए सिलेंडर.
प्राथमिक उपचार: आपातकालीन स्थिति में शुरुआती चिकित्सा सहायता के लिए प्राथमिक उपचार किट.
चोटिल अंगों को सहारा: एयर स्प्लिंट के माध्यम से घायल अंगों को स्थिर रखने की सुविधा.
आईवी फ्लूइड: चिकित्सकीय जरूरत और निर्देश के अनुसार नस के माध्यम से तरल देने की व्यवस्था.
निगरानी प्रणाली: उपलब्ध विन्यास के अनुसार वायरलेस प्रणाली से मरीज की महत्वपूर्ण शारीरिक स्थितियों की निगरानी में सहायता.
बहुउपयोगी व्यवस्था: अस्पतालों, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अर्धसैनिक बलों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों में संभावित उपयोग.
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