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रांची एयरपोर्ट पर वाहनों के लिए सिर्फ एक एग्जिट बूथ, कतार में ही खत्म हो रहा 8 मिनट का 'फ्री टाइम'

Ranchi News : बूथ की व्यवस्था भी इसी स्टडी पर आधारित है. ढांचे में बदलाव की जरूरत पड़ने पर विचार किया जाता है. फिलहाल यात्रियों की सहूलियत के लिए कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं. टोल कर्मियों को कतारें तेजी से खत्म करने को कहा गया है. डायरेक्टर के अनुसार पार्किंग में जाम की समस्या अब काफी कम हुई है.
 
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट
  • एग्जिट बूथ बढ़ाने पर डायरेक्टर बोले- लेआउट स्टडी के आधार पर बनी है पार्किंग

Ranchi News : रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट परिसर से निकासी (एग्जिट) के लिए केवल एक ही बूथ है. इस कारण अक्सर यहां वाहनों की कतार लग जाती है. कतार में ही आठ मिनट का 'फ्री टाइम' खत्म हो जाता है. एग्जिट बूथ बढ़ाने के सवाल पर एयरपोर्ट डायरेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि किसी भी पार्किंग का लेआउट सिमुलेशन स्टडी से तय होता है.

 

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बूथ की व्यवस्था भी इसी स्टडी पर आधारित है. ढांचे में बदलाव की जरूरत पड़ने पर विचार किया जाता है. फिलहाल यात्रियों की सहूलियत के लिए कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं. टोल कर्मियों को कतारें तेजी से खत्म करने को कहा गया है. डायरेक्टर के अनुसार पार्किंग में जाम की समस्या अब काफी कम हुई है.

 

टर्मिनल में 100 नई कुर्सियों की व्यवस्था

यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है. टर्मिनल भवन में 100 नई कुर्सियां लगाई गई हैं. इससे बैठने की क्षमता में करीब 150 का इजाफा हुआ है. वर्तमान में एयरपोर्ट की पीक ऑवर क्षमता लगभग 950 यात्रियों की है. अब व्यस्त समय में लोगों को खड़े रहने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी.

 

कोहरे से निपटने के लिए अप्रोच लाइटिंग

आगामी सर्दियों में कोहरे से निपटने की भी तैयारी चल रही है. कैट-2 (CAT-II) अप्रोच लाइटिंग सिस्टम पर काम जारी है. इसके लिए 900 मीटर अप्रोच लाइट लगनी है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी चल रही है. यह व्यवस्था पूरी होने पर कम विजिबिलिटी में भी सुरक्षित लैंडिंग हो सकेगी. विमान 550 से 600 मीटर की दृश्यता में आसानी से उतर सकेंगे.

 

फ्लाइट डिले होने पर मिलेंगी तय सुविधाएं

खराब मौसम में फ्लाइट लेट होने पर भी ध्यान दिया गया है. यात्रियों को डीजीसीए (DGCA) के नियमों के तहत पूरी सुविधाएं मिलेंगी. इसमें रिफंड, रिशेड्यूल और रिफ्रेशमेंट शामिल है. टर्मिनल मैनेजर इसके लिए एयरलाइंस के साथ सीधा समन्वय कर रहे हैं.

 

शिकायतों के लिए क्यूआर कोड 

एयरपोर्ट पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं. इस क्यूआर कोड को स्कैन करके यात्री अपना फीडबैक या शिकायत दर्ज करा सकते हैं. एक अन्य क्यूआर कोड पैसेंजर चार्टर का है. इससे यात्री अपने अधिकार जान सकते हैं. इसके अलावा यात्री टर्मिनल ऑफिस में जाकर भी अपनी बात रख सकते हैं.  

 

नई उड़ानों पर एयरलाइंस से बातचीत 

एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि आगामी त्योहारी सीजन के लिए एयरलाइंस से नई उड़ानें चलाने को लेकर बातचीत चल रही है. एयरलाइंस ने कुछ नई उड़ानें चलाने का भरोसा दिया है. रूट अभी तय नहीं हुआ है.

 

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