Lagatar Desk : पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम का चुनाव ना सिर्फ दिलचस्प हो गया है, बल्कि यह बदले की लड़ाई भी बन गया है. ममता बनर्जी ने जिस संचिता प्रधान को अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया, उसने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद अपना नाम वापस ले लिया.
इसके बाद 18 सितंबर को ममता बनर्जी ने कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को अपना समर्थन देने की घोषणा की. इस घोषणा के कुछ घंटे के भीतर ही पश्चिम बंगाल पुलिस ने मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया.
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी 2007 के एक मामले में हुई है. नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन के दौरान हुई एक हत्या के मामले में वह आरोपी थे. उनके खिलाफ वारंट था. उसी वारंट के आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है. पार्टी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस ने जहां गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है, वहीं भाजपा ने गिरफ्तारी को कानून का पालन किया जाना बताया है.
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