- निदा खान को पनाह देने का आरोप
Lagatar Desk : महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामला एक बार फिर चर्चा में है. इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने शुक्रवार को अदालत में पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया है. चार्जशीट में AIMIM नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील को भी आरोपी बनाया गया है.
उन पर मुख्य आरोपी निदा खान को फरारी के दौरान पनाह दिलाने में मदद करने का आरोप है. ऐसे में अब इम्तियाज जलील की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. वह छत्रपति संभाजीनगर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं और AIMIM की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हैं.
पुलिस के मुताबिक, जलील पर आरोप है कि उन्होंने TCS की पूर्व कर्मचारी और इस मामले की प्रमुख आरोपी निदा खान को उस समय मदद पहुंचाई, जब वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रही थी. जांच के दौरान पुलिस को AIMIM के छत्रपति संभाजीनगर के पार्षद मतीन पटेल और जलील के बीच संबंधों के बारे में जानकारी मिली थी. मतीन पटेल पर निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर में ठहराने का आरोप है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में जलील की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया. पुलिस ने उनसे पूछताछ भी की है. हालांकि, जलील के वकील ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि जलील ने निदा खान को पनाह नहीं दी थी, बल्कि उसके परिवार के संपर्क करने पर केवल कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही थी.
STORY | AIMIM leader Imtiyaz Jaleel named accused in Nashik TCS case All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) leader Imtiyaz Jaleel has been named an accused by police in a supplementary chargesheet, filed in the sexual harassment and religious conversion case at TCS's Nashik unit, for allegedly helping a key accused when she was absconding. READ: https://t.co/9W0f9zJPhs
— Press Trust of India (@PTI_News) November 7, 2026
क्या है पूरा मामला
नासिक के TCS कार्यालय से जुड़ा यह मामला मार्च 2026 में सामने आया था. यहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने अपने सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, धार्मिक भावनाएं आहत करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे.
शिकायतों के मुताबिक, कुछ महिला कर्मचारियों को कथित तौर पर दूसरे धर्म की धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया और उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. इसके अलावा, कुछ कर्मचारियों ने अपने सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न, अश्लील व्यवहार और धमकाने के आरोप भी लगाए.
पुलिस के मुताबिक, इस तरह की कथित घटनाएं जुलाई 2022 से TCS की नासिक इकाई में हो रही थीं. मामले में महिला कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर नौ एफआईआर दर्ज की गईं. इनमें आठ मामले मुंबई नाका पुलिस थाने और एक मामला देवलाली कैंप पुलिस थाने में दर्ज हुआ. जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया.
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निदा खान पर कर्मियों ने लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में निदा खान का नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल है. वह TCS की नासिक इकाई में काम कर चुकी थी. पुलिस के अनुसार, एक महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि निदा खान ने उसे इस्लाम से जुड़ी धार्मिक जानकारियां और गतिविधियों के बारे में बताया तथा कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया.
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, निदा खान ने शिकायतकर्ता को धार्मिक वीडियो भेजे, इस्लाम से जुड़ी जानकारियां दीं और नमाज पढ़ने तथा हिजाब पहनने के लिए प्रेरित किया. पुलिस इस मामले में निदा की भूमिका की जांच कर रही है.
निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका नासिक की अदालत ने 2 मई 2026 को खारिज कर दी थी. इसके बाद वह फरार हो गई थी. पुलिस ने 7 मई को उसे छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया. आरोप है कि फरारी के दौरान AIMIM पार्षद मतीन पटेल ने उसे और उसके परिवार को ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध कराई थी.
मतीन पटेल के बाद इम्तियाज जलील तक पहुंची जांच
निदा खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने AIMIM पार्षद मतीन पटेल की भूमिका की जांच शुरू की. पुलिस का आरोप है कि पटेल ने निदा को छत्रपति संभाजीनगर में ठहरने की व्यवस्था की थी. पूछताछ के दौरान पटेल ने कई बार निदा के ठिकाने के बारे में पूछे जाने पर इम्तियाज जलील का नाम लिया था.
जांच के दौरान पुलिस ने मतीन पटेल के मोबाइल फोन से मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच की. इसके बाद जलील का नाम जांच के दायरे में आया. पुलिस ने उनसे पूछताछ की और आवाज के नमूने भी एकत्र किए. अब पुलिस ने पूरक आरोप-पत्र के जरिए जलील को भी आरोपी बनाया है.
मामला सामने आने के बाद TCS ने दिया था बयान
मामला सामने आने के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने कहा था कि कंपनी कार्यस्थल पर किसी भी तरह के उत्पीड़न, दबाव या जबरदस्ती के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है. कंपनी ने मामले की आंतरिक जांच शुरू की थी और जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को निलंबित करने की कार्रवाई भी की थी. फिलहाल नासिक पुलिस की SIT इस मामले से जुड़ी सभी FIR की जांच कर रही है.

